
'दुनिया को बर्बाद करने में हमारा कोई रोल नहीं...', पीएम मोदी ने क्यों कही ये बात
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प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया की तुलना में हम भी सिर्फ कार्बन फ्यूल जलाकर अपनी ग्रोथ को सपोर्ट कर सकते थे, लेकिन हमने ग्रीन ट्रांजिशन का रास्ता चुना. प्रकृति प्रेम के हमारे संस्कारों ने हमें गाइड किया है, इसलिए हम सोलर, विंड, हाइड्रो, ग्रीन हाइड्रोजन और न्यूक्लियर एनर्जी पर इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया की 17 फीसदी आबादी होने के बावजूद ग्लोबल कार्बन एमिशन में भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 4 फीसदी है. उन्होंने कहा कि दुनिया को बर्बाद करने में हमारा कोई रोल नहीं है. प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया की तुलना में हम भी सिर्फ कार्बन फ्यूल जलाकर अपनी ग्रोथ को सपोर्ट कर सकते थे, लेकिन हमने ग्रीन ट्रांजिशन का रास्ता चुना. प्रकृति प्रेम के हमारे संस्कारों ने हमें गाइड किया है, इसलिए हम सोलर, विंड, हाइड्रो, ग्रीन हाइड्रोजन और न्यूक्लियर एनर्जी पर इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत जी-20 का ऐसा देश है जिसने पेरिस क्लाइमेट गोल्स को सबसे पहले पूरा किया है, 2014 के बाद से भारत ने अपनी सोलर एनर्जी इंस्टॉल कैपेसिटी को 30 गुना से से ज्यादा बढ़ाया है. हम देश के हर घर को सोलर पावर होम बनाने में जुटे हैं, इसके लिए हमने रूफ टॉप मिशन शुरू किया है. आज हमारे रेलवे स्टेशन औऱ एयरपोर्ट सोलराइज हो रहे हैं, भारत घरों से लेकर सड़कों तक एनर्जी एफिशिएंट लाइटिंग के प्रयासों पर चल पड़ा है. भारत में बहुत बड़ी संख्या में ग्रीन जॉब्स पैदा हो रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत एजुकेशन, स्किल, रिसर्च औऱ इनोवेशन के दम पर आगे बढ़ रहा है.
पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी नालंदा यूनिवर्सटी के नाम से परिचित हैं. भारत की प्रचीन नालंदा यूनिवर्सिटी नए अवतार में सामने आई है. आज भारत सिर्फ यूनिवर्सिटी को ही नहीं, बल्कि नालंदा स्पिरिट को भी रिवाइव कर रहा है. पूरी दुनिया के स्टूडेंट्स भारत आकर पढ़ें हम इस तरह का आधुनिक ईको सिस्टम बना रहे हैं, बीते 10 साल में भारत में हर सप्ताह एक यूनिवर्सिटी बनी है. हर दिन 2 नए कॉलेज बने हैं. हर दिन एक नई आईटीआई की स्थापना हुई है. 10 साल में ट्रिपल आईटी की संख्या 9 से बढ़कर 25 हो गई है. पिछले 10 साल में मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी दोगुनी हुई है.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.






