
दुनिया के 'सबसे बड़े बकरे' ने जीता इनाम, मालिक ने हजार लोगों को दी दावत!
AajTak
प्रतियोगिता जीतने के बाद, शेर दिल के मालिक को 500,000 रुपये का नकद इनाम दिया गया. लाहौर के लाल बादशाह नाम की एक बकरी, जिसका वजन 300 किलोग्राम है, ने दूसरा इनाम हासिल किया. तीसरा इनाम मुल्तान की एक बकरी कालू को मिला, जिसका वजन 278 किलोग्राम था.
पाकिस्तान में एक बकरे ने ‘रुस्तम-ए-पाकिस्तान’ का ख़िताब जीता. ख़िताब जीतने के बाद जब ये बकरा घर पहुंचा तो उसके मालिक ने एक बड़ी दावत दी. इस दावत में एक हज़ार से ज़्यादा लोग शामिल हुए. बकरे का वजन 314 किलोग्राम है, जिसके चलते इसे दुनिया का 'सबसे बड़ा बकरा' कहा जा रहा है. (सभी फोटो सांकेतिक/ क्रेडिट- Getty Images) जियो टीवी के मुताबिक, गुजरांवाला के फारुख एजाज इस 314 किलो वजनी बकरे के मालिक हैं. बकरे का नाम उन्होंने शेर दिल रखा हुआ है. बकरीद के दिन इस बकरे ने बलि वाले जानवरों के लिए हुई वजन प्रतियोगिता जीती है.
ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









