
दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड पर हमला, एयर डिफेंस सिस्टम भी किया तबाह... अब ईरान के आसमान में चक्कर लगा रहे इजरायली जेट्स
AajTak
ईरान और इजरायल के बीच हालिया संघर्ष में दोनों देशों ने एक-दूसरे पर मिसाइलें दागीं, जिससे तेहरान और तेल अवीव में भयंकर विस्फोट हुए. इजरायल ने ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर भारी हमला किया. ईरान ने बदले में कई मिसाइलें दागीं. इस संघर्ष में दोनों तरफ जानमाल का बड़ा नुकसान हुआ है और परमाणु वार्ता रद्द कर दी गई है.
इजरायल और ईरान के बीच एक बड़े युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं. दोनों मुल्कों के बीच शनिवार को भी ताबड़तोड़ हमले जारी रहे. एक तरफ इजरायल ने दर्जनों फाइटर जेट्स से ईरान के गैस फील्ड्स, न्यूक्लियर साइट्स को निशाना बनाया, तो ईरान ने भी कमोबेश 150 मिसाइलें इजरायली शहरों पर दागीं. इस बीच दोनों तरफ जानमाल का भी नुकसान हुआ है.
मसलन, इजरायल द्वारा शुक्रवार को ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर असाधारण हमले के बाद, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए शनिवार सुबह तक मिसाइलें दागीं. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसने इजरायली सैन्य केंद्रों और एयरबेस को निशाना बनाया. IDF ने 20 से ज्यादा ईरानी कमांडरों को मार गिराने का दावा किया है, जिनमें सशस्त्र बलों के खुफिया निदेशालय के प्रमुख और IRGC की सरफेस-टू-सरफेस मार करने वाली मिसाइल यूनिट्स के कमांडर शामिल हैं.
ईरान के गैस फील्ड्स पर हमला
ईरान के दक्षिणी बुशेहर प्रांत में स्थित साउथ पार्स गैस फील्ड में आग लगने की घटना सामने आई, जो दुनिया का सबसे बड़ा नेचुरल गैस क्षेत्र है. गैस फील्ड्स से धुआं और आग की लपटें उठती देखी गई है. ईरान ने आरोप लगाया कि यह इज़राइली हमले की वजह से हुआ. ईरानी सेना का कहना है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में "10 इजरायली विमानों को मार गिराया गया है."
इजरायल-ईरान के बीच तनाव पर यहां- पढ़ें बड़े अपडेट्स
यह दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस क्षेत्र है, जिसे कतर के साथ साझा किया जाता है (जहां इसे उत्तरी क्षेत्र के रूप में जाना जाता है). इसका उत्पादन प्रति दिन 700 मिलियन क्यूबिक मीटर (24,720 घन फीट) से अधिक है, जो ईरान के कुल प्राकृतिक गैस उत्पादन का लगभग 65-70 प्रतिशत है. यह क्षेत्र ईरान की घरेलू खपत, पेट्रोकेमिकल उद्योग और गैस निर्यात के लिए अहम है.

ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले को लेकर मचे घमासान के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कल मीडिया के सामने आकर युद्ध को लेकर कई बड़ी बातें कहीं नेतन्याहू ने ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका को घसीटने की फर्जी खबरों का खंडन किया. कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हमेशा वही निर्णय लेते हैं जो उन्हें अमेरिका के हित में लगता है. उन्होंने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान इजरायल और अमेरिका के तालमेल की भी प्रशंसा की.

जिस ईरान को बर्बाद करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप निकले थे. अब लगता है कि उनका पैर उसी ईरान के 'तेल' पर फिसल गया है. और इसलिए वो एक बार फिर पूरी दुनिया को 'चौंकाने' वाला फैसला ले सकते हैं. और ये फैसला ईरान के तेल की Sale से जुड़ा है. ईरान को पूरी तरह से अलग-थलग करने और हर चीज के लिए 'मोहताज' बनाने की कोशिश करने वाले ट्रंप अब खुद ईरान के तेल से प्रतिबंध हटा सकते हैं. और तेल की Sale करने की अनुमति दे सकते हैं? अब सवाल ये है कि जब ट्रंप खुद ईरान के तेल की बिक्री के लिए तैयार हैं, तो वो ईरान से युद्ध क्यों लड़ रहे हैं? क्या वाकई ईरान ने ट्रंप को ऐसा करने के लिए मजबूर कर दिया है, या ट्रंप अपने ही फैसलों की फांस में फंस चुके हैं?











