
'दीदी' को बंगाल फतह कराने वाले PK को NCP में मिलेगी जिम्मेदारी? मंत्री नवाब मलिक ने दिया ये जवाब
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बीते दिन एनसीपी प्रमुख शरद पवार और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बीच मुलाकात हुई थी. दोनों के बीच यह बैठक तकरीबन साढ़े तीन घंटे तक चली थी. मुंबई में पवार के घर पर हुई इस मुलाकात के बाद कई तरह के कयास लगाए जाने लगे थे. अब एनसीपी नेता नवाब मलिक ने इस मुलाकात की वजह बता दी है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी (दीदी) की तृणमूल कांग्रेस की जीत में अहम भूमिका निभा चुके प्रशांत किशोर की एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात के बाद कई अटकलें लगाई जाने लगीं. प्रशांत किशोर (पीके) की पवार के साथ हुई बैठक के बाद अनुमान लगने लगा था कि शायद पार्टी उन्हें कोई अहम जिम्मेदारी दे सकती है. हालांकि, अब इन अटकलों पर खुद एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने विराम लगा दिया है. मलिक ने साफ कर दिया है कि प्रशांत को एनसीपी में कोई भी जिम्मेदारी नहीं दी गई है. साथ ही, मलिक ने यह भी कहा है कि बीजेपी के खिलाफ देश की विभिन्न विपक्षी पार्टियां एकजुट होने जा रही हैं. आखिर पवार से क्यों मिले प्रशांत किशोर? एनसीपी प्रवक्ता और अल्पसंख्यक मंत्री नवाब मलिक ने पवार और पीके की बैठक के बारे में कहा, ''प्रशांत किशोर एक राजनीतिक रणनीतिकार हैं. उनका एक अलग अनुभव है. उन्होंने शरद पवार को उस अनुभव और देश के राजनीतिक हालात से अवगत कराया है. मलिक ने आगे कहा कि पवार देश के सभी विपक्षी दलों को एकजुट करना चाहते हैं और उन्होंने इसे व्यक्त भी किया है. वहीं, बंगाल चुनाव पर बात करते हुए एनसीपी नेता ने कहा, ''पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले शरद पवार को बंगाल जाना था, लेकिन तबीयत खराब होने के कारण वे नहीं जा सके, लेकिन देश की तमाम विपक्षी पार्टियां एकजुट होने जा रही हैं.'' नवाब मलिक ने स्पष्ट किया कि एनसीपी बीजेपी के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा बनाने की कोशिश कर रही है और निकट भविष्य में ऐसा किया जाएगा.
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