
दिसंबर तक देश के पास होंगी 216 करोड़ कोरोना वैक्सीन डोज, जानिए सरकार का पूरा रोडमैप
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कोरोना वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए Bharat Biotech ने Indian Biotech, Haffkine GOM, BIB COL-DBT और Gujrat Biotechnology research Centre + Hetser Bio science के साथ टेक्नॉलोजी शेयरिंग के साथ रॉयल्टी शेयरिंग के तहत भारत सरकार की जानकारी में करार किया है. जिससे साल के अंत तक सभी वयस्कों को वैक्सीन देने की कोशिश की जा रही है.
कोरोना की दूसरी लहर में मोदी सरकार के सामने दो सबसे बड़ी चुनौतियां हैं, पहली चुनौती ये है कि कोरोना संक्रमित लोगों को किसी भी तरह की दवाई की कमी का सामना ना करना पड़े. दूसरी सबसे बड़ी चुनौती हैं कि वैक्सिनेशन ड्राइव को युद्ध स्तर लोगों तक पहुंचाया जाए. देश में अभी तक लगभग 18 करोड़ 70 लाख के वैक्सीन के डोज़ लग चुके हैं, जिसमें अभी तक 14 करोड़ 46 लाख लोगों को पहला डोज़ और 4 करोड़ 24 लाख लोगों को दूसरा डोज भी लग चुका हैं. सूत्रों के मुताबिक, सरकार में अपना पूरा फोकस वैक्सीन के उत्पादन को बढ़ाने और उसे ग्रामीण स्तर तक सरलता से पहुंचाने पर लगाया हुआ हैं. भारत में 16 जनवरी को COVID-19 वैक्सिनेशन का कार्यक्रम शुरू हुआ था, तब सिर्फ़ दो बड़ी कम्पनी एक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की Covishield और Bharat biotech की covaxin को एप्रूवल मिला था.
जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

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