
दिवाली के बाद कैसे बद से बदतर हो जाती है दिल्ली की हवा? ग्राफिक्स में समझें
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दिल्ली के कई इलाकों में सोमवार सुबह AQI का स्तर 900 के पार चला गया. इंडिया गेट और मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम के पास AQI का स्तर 999 पर था. हालांकि, बाद में ये थोड़ा सुधरकर 553 पर आ गया. पूसा में 970 और आनंद विहार में 849 दर्ज किया गया था. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि पटाखों को जलाने के बाद सोमवार को प्रदूषण के स्तर में भयानक स्तर पर बढ़ोतरी हुई है.
दिवाली के अगले दिन सोमवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में धुंध की एक मोटी परत छाई रही. इसकी वजह थी प्रतिबंध के बावजूद दिवाली पर दिल्ली में जमकर पटाखे जलाए गए.
दिवाली के दिन राजधानी दिल्ली में आठ साल की सबसे साफ हवा दर्ज की गई थी. रविवार को राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI का स्तर 218 पर था, लेकिन अगले ही दिन यानी सोमवार को ये 332 पर पहुंच गया.
इतना ही नहीं, सोमवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में AQI का स्तर 900 के पार चला गया. इंडिया गेट और मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम के पास AQI का स्तर 999 पर था. हालांकि, बाद में ये थोड़ा सुधरकर 553 पर आ गया. पूसा में 970 और आनंद विहार में 849 दर्ज किया गया था. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि पटाखों को जलाने के बाद सोमवार को प्रदूषण के स्तर में भयानक स्तर पर बढ़ोतरी हुई है.
आंकड़े बताते हैं कि दिवाली के अगले दिन दिल्ली की हवा बहुत खराब हो जाती है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, पिछले साल दिवाली के अगले दिन दिल्ली में AQI का स्तर 302 पर पहुंच गया था. और इस साल भी दिवाली के अगले दिन AQI का स्तर 100 से ज्यादा अंकों तक बढ़ गया.
दिवाली के दौरान, 245 शहरों में से किसी में भी AQI का स्तर 'गंभीर' की श्रेणी में नहीं गया, लेकिन दिल्ली में वायु प्रदूषण पिछले साल की तुलना में इस साल 15% तक बढ़ गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, 53 शहरों में AQI का स्तर 'बहुत खराब' और 85 शहरों में 'खराब' की श्रेणी में रहा है.
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि पटाखे फोड़ने से दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया. उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोगों ने पटाखे नहीं जलाए, लेकिन कई जगहों पर ऐसा हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी नेता लोगों को पटाखे फोड़ने के लिए भड़का रहे थे.

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