
दिल्ली: BSP से चुनाव लड़े आम आदमी पार्टी के पूर्व मंत्री राजकुमार आनंद की जमानत जब्त
AajTak
राजकुमार आनंद ने लोकसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी नेतृत्व के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़़ दी थी. उन्होंने नई दिल्ली सीट से बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था. परंतु उन्हें महज 5629 वोट ही हासिल हुए हैं. जबकि उनसे ज्यादा तो कई दूसरे उम्मीवार वोट हासिल करने में कामयाब रहे हैं.
साल 2024 के आम चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के हाथ बड़ी असफलता आई है. उत्तर प्रदेश (UP) में पार्टी का प्रदर्शन बेहद शर्मनाक रहा है. वहीं दिल्ली (Delhi) में बीएसपी के सभी सातों उम्मीदवार अपनी जमानत गंवा चुके हैं. आम आदमी पार्टी (AAP) की सदस्यता और मंत्री पद छोड़कर बीएसपी में शामिल हुए राजकुमार आनंद की जमानत तो जब्त हुई ही है, बल्कि वह दूसरे कई उम्मीदवारों से बहुत कम वोट हासिल कर सके हैं.
राजकुमार आनंद ने लोकसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी नेतृत्व के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़़ दी थी. उन्होंने नई दिल्ली सीट से बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था. परंतु उन्हें महज 5629 वोट ही हासिल हुए हैं. जबकि उनसे ज्यादा तो कई दूसरे उम्मीवार वोट हासिल करने में कामयाब रहे हैं.
दिल्ली की सातों सीटों पर तीसरे स्थान पर रही बीएसपी बीएसपी के उम्मीदवार भले ही कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके हों, और कोई भी उम्मीदवार 13 हजार का आंकड़ा भले ही न छू सका हो, परंतु खास बात है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की वजह से बीएसपी दिल्ली की सभी सातों सीटों पर तीसरे स्थान पर रही है.
बीएसपी को सबसे ज्यादा वोट उत्तर-पूर्वी दिल्ली सीट पर हासिल हुए हैं. इस सीट से बीएसपी के अशोक कुमार ने 12053 वोट हासिल किए हैं. वहीं नॉर्थ वेस्ट सीट से बीएसपी के विजय कुमार बौद्ध ने कुल 11997 वोट हासिल किए हैं. दक्षिणी दिल्ली सीट से बीएसपपी के अब्दुल बासित ने कुल 9861 वोट हासिल किए हैं.
चांदनी चौक सीट से बीएसपी ने अब्दुल कलाम आजाद को मैदान में उतारा था, परंतु वह केवल 5829 वोट ही हासिल कर सके. पूर्वी दिल्ली सीट से बीएसपी उम्मीदवार वकार चौधरी 9197 और पश्चिमी दिल्ली से उम्मीदवार विशाखा 7964 वोट ही हासिल कर पाये हैं.

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.

दिल्ली में आयोजित AI समिट में बेहतर भविष्य की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन वहीं राजनीतिक पार्टियां इस तकनीक को हथियार बनाकर आमने-सामने आ गई हैं. कांग्रेस ने AI का एक वीडियो जारी किया, जिसमें लोकसभा स्पीकर का मजाक उड़ाया गया, जिसे बीजेपी ने सदन की अवमानना माना और शिकायत दर्ज कराई. कांग्रेस के तीन नेताओं को नोटिस भेजा गया. दोनों पार्टियां AI वीडियो का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं.

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी में दो विचारधाराएं दिख रही हैं और बटुकों के सम्मान को डैमेज कंट्रोल बताया. गोरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने 40 दिन का समय दिया था, जिसमें 20 दिन शेष हैं. समय पूरा होने पर स्थिति साफ़ करने की बात कही है.

अब महाराष्ट्र सरकार ने उस पुराने अध्यादेश से जुड़े आखिरी प्रशासनिक आदेश भी वापस ले लिए हैं. यानी जो थोड़ी-बहुत औपचारिक संरचना बची थी, उसे भी खत्म कर दिया गया है. जमीन पर तुरंत कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि यह आरक्षण पहले से लागू नहीं था. न शिक्षा में इसका फायदा मिल रहा था, न नौकरियों में. लेकिन कानूनी और राजनीतिक रूप से यह एक बड़ा संकेत है.

इंडिया टुडे की OSINT (ओपन सोर्स इंटेलिजेंस) टीम ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब के 50 से ज्यादा ऐसे अकाउंट खंगाले, जहां स्टंट और हादसों के वीडियो डालकर एंगेजमेंट बढ़ाया जा रहा है. कई अकाउंट पहले से कमाई कर रहे हैं या उसकी तैयारी में हैं. सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका असर सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं है, इससे सड़क पर चलने वाले आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है.

लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग के सुप्रीम गैंगस्टर महफूज जिसे बॉबी कबूतर के नाम से जाना जाता है, को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है. पहले ही दिन बॉबी कबूतर को पुलिस ने पकड़ लिया था और अब उसकी गर्लफ्रेंड खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा को भी ढूंढ़ कर गिरफ्तार किया गया है. खुशनुमा और बॉबी कबूतर दोनों ने लंबे समय तक पुलिस को छकाया था, लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी से पुलिस महफूज गैंग पर बड़ा वार करने में कामयाब रही है.







