
दिल्ली: स्कूलों में बम की अफवाह पर हाई कोर्ट ने आप सरकार से मांगा जवाब
AajTak
हाई कोर्ट ने पुलिस, स्कूलों और दिल्ली सरकार से भी जवाब मांगा है. दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से ऐसी अफवाहों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा है.
दिल्ली के स्कूलों में बम की अफवाह का मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है. कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिल्ली सरकार और पुलिस से जवाब मांगा है. सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाएं डरावनी हैं. ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए एक कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है. दिल्ली हाई कोर्ट ने निजी स्कूलों के संगठनों को पक्षकार बनाते हुए याचिका पर नोटिस जारी किया. दिल्ली हाई कोर्ट मामले में 31 जुलाई को सुनवाई करेगा. हाई कोर्ट ने पुलिस, स्कूलों और दिल्ली सरकार से भी जवाब मांगा है. दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से ऐसी अफवाहों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा है.
वकील अर्पित भार्गव ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है. याचिका में मथुरा रोड स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में बम की अफवाह का ज़िक्र किया है. याचिका में कहा गया है कि उनका बच्चा भी स्कूल में पढ़ता है. याचिका में कहा गया है कि बम की अफवाह की योजना एक छात्र ने सिर्फ मनोरंजन के लिए की थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 10वीं कक्षा का फाइनल रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है. इस वर्ष लगभग 10 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए. परिणाम आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर लाइव कर दिए गए हैं. बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में पूरी की है ताकि नया शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो सके.











