
दिल्ली वालों के लिए अच्छी खबर, लगातार घटने लगा है यमुना का जल स्तर, 8 घंटे में 17 सेमी कम हुआ पानी
AajTak
दिल्ली में तीन दिन से जनजीवन को पटरी से उतारने वाली यमुना नदी का जलस्तर अब घटने लगा है. हर घंटे नदी का पानी कम होने लगा है. हालांकि, दिल्ली के कई इलाकों की सड़कों पर पानी भरा है. कॉलोनियों और पार्कों में भी पानी है, जिससे लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. उफनती यमुना के कारण राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में परेशानी ज्यादा देखी जा रही है.
दिल्ली वालों के लिए शुक्रवार सुबह एक अच्छी खबर आई है. तीन दिन बाद यमुना नदी का रौद्र रूप अब शांत होने लगा है. गुरुवार रात 8 बजे से लगातार जलस्तर घटने लगा है. प्रत्येक घंटे में दो सेंटीमीटर पानी कम हो रहा है. अभी यमुना में डेंजर लेवल से भी 3 मीटर ज्यादा पानी भरा है. फिलहाल, पानी का लेवल लगातार घटने से शासन से लेकर प्रशासन तक राहत की सांस ले रहा है. अगर सब कुछ ठीक रहा और बारिश नहीं हुई तो जल्द राहत मिलने की उम्मीद लगाई जा सकती है. हालांकि, यमुना के पानी से अभी भी दिल्ली के कई इलाकों की सड़कें लबालब हैं. बाढ़ की वजह से आज दिल्ली का लाल किला भी विजिटर्स के लिए बंद रखा गया है.
दिल्ली में गुरुवार रात 10 बजे से शुक्रवार सुबह 6 बजे तक यानी बीते 8 घंटे में 17 सेंटीमीटर तक यमुना नदी का जल स्तर कम हुआ है. हालांकि, मौसम विभाग का शुक्रवार सुबह जो अलर्ट आया है, वो फिर परेशानी बढ़ा सकता है. IMD के मुताबिक, अगले 2 घंटे के दौरान दिल्ली और आसपास के इलाके (जाफरपुर, नजफगढ़, द्वारका, पालम, आईजीआई एयरपोर्ट, आयानगर, डेरामंडी) और एनसीआर (गुरुग्राम), गोहाना, सोनीपत में हल्की बारिश और बूंदाबांदी हो सकती है.
यमुना का पानी, दिल्ली की बाढ़ और हथिनी कुंड बैराज... समझें राजधानी के 'जलप्रलय' की पूरी कहानी
ऐसे घट रहा यमुना का जल स्तर
इससे पहले दिल्ली में गुरुवार रात 10 बजे यमुना का जलस्तर 208.63 मीटर था. वहीं, शुक्रवार सुबह 6 बजे यह घटकर 208.46 मीटर दर्ज हो गया है. इससे पहले गुरुवार रात 9 बजे यमुना का जलस्तर 208.65 मीटर और रात 8 बजे 208.66 मीटर था.
गुरुवार रात 8 बजे पुराने रेलवे ब्रिज (ओआरबी) पर यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर था. वहां चेतावनी स्तर 204.50 मीटर और डेंजर लेवल 205.33 मीटर है. केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के मुताबिक, जल्द पानी कम होने की उम्मीद है.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








