
दिल्ली में बढ़ा ऑटो-टैक्सी का किराया, ट्रांसपोर्ट फेडरेशन बोला- इससे हमारा नहीं ओला- उबर का फायदा
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दिल्ली सरकार की ये घोषणा एमसीडी चुनाव की तारीखों के ऐलान से थोड़ा पहले की गई है. ऑटोरिक्शा चालक शहर में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) का एक बड़ा वोट बैंक हैं. हालांकि, नेशनल ऑटोरिक्शा टैक्सी ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ने इस फैसले को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह दिल्लीवासियों पर बोझ डालेगा और उबर- ओला जैसे कैब एग्रीगेटर्स के लिए ही मायने रखेगा.
दिल्ली में ऑटोरिक्शा और टैक्सी का सफर महंगा हो गया है. दरअसल दिल्ली सरकार ने सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी को देखते हुए ऑटोरिक्शा और टैक्सी के किराए में बढ़त को अप्रूवल दे दिया है. शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में ये जानकारी सामने आई है.
गौरतलब है कि ये घोषणा एमसीडी चुनाव की तारीखों के ऐलान से थोड़ा पहले की गई है. ऑटोरिक्शा चालक शहर में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) का एक बड़ा वोट बैंक हैं. हालांकि, नेशनल ऑटोरिक्शा टैक्सी ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ने इस फैसले को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह दिल्लीवासियों पर बोझ डालेगा और उबर- ओला जैसे कैब एग्रीगेटर्स के लिए ही मायने रखेगा.
'एमसीडी चुनावों से पहले का राजनीतिक फैसला है ये' नेशनल ऑटोरिक्शा टैक्सी ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के संयोजक राजेंद्र सोनी ने कहा, "यह दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनावों से पहले का एक राजनीतिक फैसला है. अप्रैल में, हमने सीएनजी सब्सिडी की मांग को लेकर हड़ताल की थी, जिससे ऑटोरिक्शा चालकों पर बोझ कम होगा और लोगों पर भी दबाव न पड़े. लेकिन इसके उलट हुआ है सरकार ने दिल्ली के एलजी की मंजूरी के बिना इसकी घोषणा कर दी है. इस कदम से ओला और उबर जैसे कैब एग्रीगेटर्स को ही मदद मिलेगी. ”
ऑटोरिक्शा के लिए 30 रुपये तक होगा पहले 1.5 किमी का किराया
बता दें कि बढ़ाए गए किराए के अनुसार ऑटोरिक्शा के लिए शुरुआती 1.5 किलोमीटर के लिए मीटर डाउन चार्ज (न्यूनतम किराया) 25 रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये कर दिया गया है, जबकि मीटर डाउन के बाद प्रति किलोमीटर चार्ज 9.50 रुपये से बढ़ाकर 11 रुपये कर दिया गया है. वहीं वेटिंग रेट और नाइट रेट में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि एक्सट्रा सामान के लिए रेट 7.50 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है.
टैक्सी के लिए 40 रुपये तक होगा पहले 1 किमी का किराया

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