
दिल्ली में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास MCD का बुलडोजर एक्शन, विरोध में पथराव, इलाके में तनाव
AajTak
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई बुधवार सुबह शुरू हो गई. एमसीडी की टीम 17 बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुंची, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध किया और पुलिस पर पथराव हुआ. हालात को देखते हुए इलाके में तनाव बना हुआ है.
दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अवैध निर्माण हटाने के लिए एमसीडी ने बुधवार सुबह बुलडोजर कार्रवाई की. मौके पर 17 बुलडोजर की मदद से अतिक्रमण हटाया गया.
इससे पहले कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने विरोध जताया. देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव कर दिया. इसके बाद इलाके में तनाव फैल गया. स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया.
सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा ने कहा, दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत एमसीडी ने 7 जनवरी की सुबह तड़के दिल्ली के रामलीला मैदान के पास तुर्कमान गेट स्थित फैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अतिक्रमित क्षेत्र में तोड़फोड़ की कार्रवाई की. डिमोलिशन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की.
उन्होंने कहा, हालात को नियंत्रित करने के लिए सीमित और संतुलित बल का इस्तेमाल किया गया, जिससे बिना किसी तनाव बढ़ाए स्थिति को तुरंत काबू में कर लिया गया और सामान्य स्थिति बहाल कर दी गई. डिमोलिशन से पहले मौके पर कई अर्थमूवर मशीनें भी देखी गईं.
एमसीडी अधिकारियों के मुताबिक मस्जिद से सटे दवाखाने और बारात घर को अवैध घोषित किया गया था. रामलीला मैदान क्षेत्र में हुए सर्वे के बाद इन निर्माणों को हटाने का फैसला लिया गया था. प्रशासन ने पहले ही लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए समय दिया था.
देर रात नगर निगम के 17 बुलडोजर पहुंचे तो वहां पथराव शुरू हो गया. मौके पर तैनात पुलिसबल ने आंसू गैस गोले छोड़े और लोगों को खदेड़ा. पुलिस ने आसपास के एरिया के रास्ते बंद कर दिए हैं.

जहां आज सबसे पहले उन पत्थरबाजों से आपको खबरदार करना जरूरी है जो कोई भी राज्य हो. कोई भी जिला हो. एक तरह के पैटर्न पर पत्थरबाजी करते नजर आ रहे हैं. ये चार तस्वीरें संभल से लेकर बरेली, जयपुर और अब दिल्ली तक की है. याद करिए उत्तर प्रदेश का संभल. जहां कोर्ट के आदेश से मस्जिद का सर्वे करने टीम पहुंचती है. भीड़ मस्जिद को लेकर अफवाह वाली साजिश में फंसकर पत्थर उठाती है. देखें खबरदार.

महिला मोर्चा दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में हुए पिछले विधानसभा चुनावों के अनुभवों से सीख लेकर पार्टी आगामी चुनावों की रणनीति तैयार करेगी. इसके तहत महिला मोर्चा धार्मिक और सामुदायिक बैठकों का आयोजन करेगा. इन कार्यक्रमों के जरिए केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी शासित राज्यों द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई योजनाओं, सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े कामों को सामने रखा जाएगा.

महाराष्ट्र में स्थानीय स्तर पर गठबंधन को लेकर AIMIM के प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट कहा है कि बीजेपी और AIMIM कभी एक साथ नहीं आ सकते. उन्होंने कहा कि जैसे समुद्र के किनारे एक नहीं हो सकते, वैसे ही बीजेपी और AIMIM का गठबंधन असंभव है. वारिस पठान ने बीजेपी से गठबंधन के सवाल पर अपनी सफाई भी दी और बताया कि AIMIM का बीजेपी के साथ गठबंधन करने का कोई इरादा ही नहीं है.










