
दिल्ली में पकड़ी गई 40 करोड़ की हेरोइन, इंटरनेशनल ड्रग्स गिरोह को लेकर कई बड़े खुलासे
AajTak
दिल्ली में एक बड़े इंटरनेशनल ड्रग्स गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने म्यांमार से तस्करी कर लाई गई 10 किलो हेरोइन जब्त की है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 40 करोड़ रुपये है. इस मामले में गिरफ्तार हुए दोनों आरोपियों ने कई बड़े खुलासे किए हैं.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से 40 करोड़ से अधिक कीमत की 10 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के रहने वाले दिनेश सिंह और नजीर के रूप में हुई. उनके पास से एक मारुति कार भी बरामद हुई है. जिसकी सीट के नीचे खास चैंबर बना हुआ था. इसी चैंबर में ड्रग्स छुपाई हुई थी.
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह म्यांमार से हाई क्वालिटी की ड्रग्स मणिपुर के रास्ते भारत लाता है. फिर वहां से देश के अन्य राज्यों में इस ड्रग्स को छिपाकर पहुंचाया जाता है. आरोपी तस्कर ड्रग्स को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए कार का इस्तेमाल करते हैं. यह लोग कार की पिछली सीट के नीचे एक खास जगह बनाकर वहां डिब्बों में भरकर ड्रग्स रखते हैं और फिर एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने यह कार्रवाई एक खुफिया इनपुट मिलने के बाद की. दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी जसमीत सिंह ने बताया कि स्पेशल सेल ने एनडीपीएस एक्ट के उचित प्रावधानों के तहत आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और इनसे पूछताछ की जा रही है.
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया है कि वे एक बड़े ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं और पिछले पांच साल से दिल्ली एनसीआर और उत्तर प्रदेश में ड्रग सप्लाई कर रहे हैं. स्पेशल सेल की पूछताछ में पता चला है कि झारखंड के नक्सल इलाके में अफीम से अवैध तरीके से हीरोइन बनाई जा रही है. इसके अलावा मणिपुर के नक्सली इलाके में भी हीरोइन बनाई जा रही है.

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?








