
दिल्ली दंगों का एक सालः जिंदगी पटरी पर लाने की कवायद जारी, संस्थाएं भी बनी मददगार
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जमीयत उलेमा-ए हिंद से जुड़े मौलाना गयूर कासमी ने आजतक को बताया कि उनकी जमात की तरफ से इलाके में 163 स्कूलों की मरम्मत कराई गई. 227 दुकानें ठीक कराई गईं और 37 लाख रुपये उन लोगों में बांटे गए, जो इलाके में छोटी-मोटी दुकानें लगाकर जीवन यापन कर रहे थे. किसी को ऑटो तो किसी को छोटा हाथी भी दिया गया है.
एक साल पहले दंगे की आग में झुलसी नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के प्रभावित इलाकों में जिंदगी फिर से पटरी पर लौट आई है. इस काम में लोगों की मदद के लिए सरकार के साथ-साथ कुछ सामाजिक संस्थाओं ने भी अहम योगदान दिया है. इन्हीं में से एक है जमीयत उलेमा-ए हिंद. इस संस्था ने इलाके में हर धर्म और हर वर्ग के दंगा प्रभावित लोगों की मदद की है. इसके अलावा कुछ हिंदू संगठनों ने भी जिंदगी को पटरी पर लाने के लिए लोगों की मदद की है. जमीयत उलेमा-ए हिंद से जुड़े मौलाना गयूर कासमी ने आजतक को बताया कि उनकी जमात की तरफ से इलाके में 163 स्कूलों की मरम्मत कराई गई. 227 दुकानें ठीक कराई गईं और 37 लाख रुपये उन लोगों में बांटे गए, जो इलाके में छोटी-मोटी दुकानें लगाकर जीवन यापन कर रहे थे. किसी को ऑटो तो किसी को छोटा हाथी भी दिया गया है.
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