
दिल्ली एयरपोर्ट पर नहीं मैनेज हो पा रही भीड़! जानें दुनिया के बड़े एयरपोर्ट्स पर कैसे मैनेज होता है क्राउड
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दुनिया के अलग-अलग एयरपोर्ट क्राउड से निपटने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं. लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर पार्किंग पहले बुक करने पर छूट दी जाती है तो वहीं तुर्की के इस्तांबुल एयरपोर्ट पर भीड़ को मैनेज करने के लिए यात्रियों को स्लीप पॉड्स जैसी सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है.
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़ के कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है. हालात खराब होते देख इंडिगो एयरलाइन तो यात्रियों से 3.5 घंटे पहले पहुंचने की अपील तक कर चुकी है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या फ्लाइट के समय से काफी पहले एयरपोर्ट पहुंचना समस्या का समाधान हो सकता है?
फ्लाइट से सफर करने वाले ज्यादातर यात्रियों के पास समय की कमी होती है. ऐसे में लंबी-लंबी लाइन के कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ती है. इन लंबी लाइन का कारण हवाईअड्डों पर चेक-इन, सुरक्षा जांच और पासपोर्ट कंट्रोल एरिया में पीक समय के दौरान होने वाली भीड़ है. इससे न सिर्फ यात्रियों को झुंझलाहट होती है, बल्कि एयरपोर्ट की रैकिंग पर भी बुरा असर पड़ता है. एयरपोर्ट की सुरक्षा बेहद सख्त होती है क्योंकि एयरपोर्ट्स हमेशा से आतंकियों का सॉफ्ट टारगेट रहे हैं.
हाल ही में 12 दिसंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर अचानक 4 लाख से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही देखी गई. इतनी ज्यादा भीड़ के बाद एयरपोर्ट का क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम ही बिगड़ गया. एयरपोर्ट पर लोग घंटों तक परेशान होते रहे.
एयरपोर्ट पर भीड़ बढ़ने के 5 कारण
1. लोगों की शिकायत है कि IGI एयरपोर्ट की एक्स रे मशीन बहुत धीरे काम करती हैं. इसके कारण सामान की जांच करने में काफी समय लगता है. 14 दिसंबर को ही 4 अतिरिक्त एक्सरे मशीन लगवाई गई हैं.
2. देश की राजधानी का एयरपोर्ट होने के चलते यहां सख्ती के साथ यात्रियों के सामान की तालीशी ली जाती है. लोगों का कहना है कि सुरक्षाबलों की कमी के चलते भी जांच में देरी होती है. हालांकि, मंत्रालय ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों की तैनाती बढ़ाने की बात कही है.

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