
दाम घटते ही इस 7-सीटर कार पर टूट पड़े लोग! बिक गईं 2 लाख से ज्यादा गाड़ियां
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Renault Triber को कंपनी ने पहली बार 2019 में लॉन्च किया था. तकरीबन 6 सालों के बाद पिछले साल जुलाई में इस कार का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च किया गया. इसके बाद GST रिफॉर्म में इस कार की कीमत में भारी कटौती हुई. जिसने इस कार को और भी किफायती बना दिया.
भारतीय कार बाजार में वापसी की तैयारी कर रही Renault के लिए यह वक्त खास बनता जा रहा है. एक तरफ कंपनी नई डस्टर एसयूवी के जरिए फिर से चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर उसकी लोकप्रिय एमपीवी ट्राइबर ने बिक्री के मोर्चे पर बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है. कम दाम, फैमिली फ्रेंडली डिजाइन और ज्यादा सीटिंग कैपेसिटी की बदौलत ट्राइबर ने भारतीय ग्राहकों के बीच अपनी मजबूत पकड़ बना ली है.
Renault ने पिछले साल जुलाई में Triber को बिल्कुल नए अवतार में लॉन्च किया था. इसके फेसलिफ्ट मॉडल ने बाजार में आते ही धूम मचा दिया. वजह थी इस 7-सीटर कार का किफायती होना. जब इस कार को लॉन्च किया गया उस वक्त इसकी शुरुआती 6.30 लाख रुपये रखी गई थी. हालांकि जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद इसकी शुरुआती कीमत घटाकर 5.76 लाख रुपये कर दी गई. इसका सीधा असर कार की बिक्री पर देखने को मिला. नतीजा ये रहा है कि, अब तक इस किफायती 7 सीटर कार के कुल 2 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री की जा चुकी है.
अगस्त 2019 में लॉन्च हुई ट्राइबर पिछले साढ़े 6 साल से रेनो इंडिया के लिए बेस्ट परफॉर्मर बनी हुई है. यह कार हैचबैक जैसी कीमत पर एमपीवी की सुविधा देती है, जिसकी वजह से फैमिली खरीदारों में इसकी अच्छी मांग रही है. इंडस्ट्री आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2026 के अंत तक भारत में ट्राइबर की 2,00,253 यूनिट बिक चुकी हैं. इसके अलावा दिसंबर 2025 तक 34,238 यूनिट को एक्सपोर्ट भी किया गया है.
ट्राइबर की मांग में आई ताजा तेजी की बड़ी वजह 23 जुलाई 2025 को लॉन्च किया गया नया ट्राइबर है. यह 6 साल बाद आया पहला बड़ा अपडेट था. नए मॉडल में पूरी तरह बदला हुआ फ्रंट लुक, नए हेडलैंप और एलईडी डीआरएल, स्लिम ग्लॉस ब्लैक ग्रिल और नया डायमंड लोगो दिया गया है, जो इसे पहले से ज्यादा मॉडर्न बनाते हैं.
नई Renault Triber में कंपनी ने 1.0 लीटर, तीन सिलेंडर पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल किया है. जो 72 बीएचपी की पावर और 96 न्यूटन मीटर टॉर्क जेनरेट करता है. इसमें मैनुअल और एएमटी दोनों गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है. माइलेज भी पहले से बेहतर हुआ है और यह 19.59 से 19.76 किलोमीटर प्रति लीटर तक जाता है. डीलर लेवल पर फिट होने वाला सीएनजी किट का विकल्प भी मौजूद है, जिस पर फैक्ट्री वारंटी मिलती है.
इस कार में नए लोगो वाले स्टीयरिंग व्हील के साथ एक नया लेआउट मिलता है. ब्लैक और ग्रे कलर की अपहोल्स्ट्री के साथ केबिन में ऐप्पल कारप्ले और एंड्रॉएड ऑटो सपोर्ट करने वाला 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है. फीचर्स के तौर पर इस कार में क्रूज़ कंट्रोल, ऑटो वाइपर, ऑटो हेडलैंप, ऑटो फोल्ड ऑउट साइड रियर व्यू मिरर (ORVMs) और भी बहुत कुछ शामिल हैं. सेफ्टी फीचर्स की लिस्ट में बतौर स्टैंडर्ड 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकिंग डिस्ट्रीब्यूशन (EBD) के साथ एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), फ्रंट पार्किंग सेंसर जैसे फीचर्स दिए जा रहे हैं.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












