
दक्षिण कोरिया में 'हिट एंड रन' मामले में मौत की सजा भी, सड़क हादसों पर कहां है सबसे सख्त कानून?
AajTak
हिट एंड रन मामले पर नए कानून का विरोध हो रहा है. ट्रक ड्राइवरों ने इसपर स्ट्राइक और प्रदर्शन तक कर डाले. उनका कहना है कि कानून काफी सख्त है. वैसे सड़क हादसों के मामले में सुरक्षित माने जाते लगभग सभी देशों में 'हिट एंड रन' पर लाइसेंस जब्त होने और लंबी सजाओं का प्रावधान है. यहां तक कि इसमें मौत की सजा भी हो सकती है.
दुर्घटना के बाद घायल को छोड़कर भागने के मामलों को कम करने के लिए हिट एंड रन पर नया नियम लाने की कोशिश हुई. अब तक आईपीसी में हिट एंड रन मामलों में घायल की मौत पर दो साल की कैद और फाइन का नियम था. अब ये सजा बढ़ाकर 10 साल कर दी गई, वो भी तब, जबकि ड्राइवर एक्सिडेंट की जानकारी दिए बिना घटनास्थल से भाग निकले, और पीड़ित की मौत हो जाए. हालांकि इसके खिलाफ चक्काजाम हो गया. कई राज्यों के ड्राइवर हड़ताल पर चले गए. अब सुलह के बाद तय हुआ है कि फिलहाल ये कानून नहीं लाया जाए.
इन मुल्कों में मौत की सजा भी हो सकती है
दुनिया के बाकी देशों में हिट एंड रन पर काफी कड़े नियम हैं. दक्षिण कोरिया में इसे गंभीरतम अपराध की श्रेणी में रखा जाता है. एक तो लापरवाही की वजह से किसी को चोट पहुंचे, और दूसरा, क्राइम करने वाला उसे छोड़कर भाग जाए. इसे रोकने के लिए एक्ट ऑफ एग्रवेटेड पनिशमेंट के तहत दो सेक्शन हैं.
हादसे के बाद अगर ड्राइवर मदद किए बगैर भाग जाए और घायल की मौत हो जाए तो उसे 5 साल से लेकर आजीवन कारावास भी हो सकता है. वहीं अगर ड्राइवर पीड़ित को दुर्घटना स्थल से हटा दे और फिर उसकी मौत हो जाए तो हत्या का दोषी मानकर आजीवन कैद या मौत की सजा भी दी जा सकती है.
बांग्लादेश में वाहन अधिनियम, 1927 के मुताबिक, हादसे के बाद जब तक अस्पताल और पुलिस काम शुरू नहीं कर दें, तब तक ड्राइवर को वहीं बने रहना है. अगर वो ऐसा न करे, और जख्मी की मौत हो जाए तो इसपर मौत की सजा का भी प्रावधान है.

दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान हुई हत्या के बाद पैदा हुए सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने पुलिस और नागरिक प्रशासन को ईद और रामनवमी के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की 'प्रतिहिंसा' को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया है.

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए अपनी दूसरी लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें रूपा गांगुली, निशीथ प्रमाणिक और प्रियंका तिबरेवाल जैसे 111 बड़े नामों को जगह मिली है. पार्टी ने इस बार पूर्व आईपीएस डॉ. राजेश कुमार और पूर्व टीएमसी नेता तापस रॉय समेत फिल्मी सितारों पर भी दांव लगाया है, जिससे बंगाल का चुनावी मुकाबला अब और भी कड़ा और रोमांचक हो गया है.

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण भारत के 6 से ज्यादा जहाज अभी भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हुए हैं. बताया जा रहा है कि इन जहाजों में ज्यादातर एलपीजी टैंकर और एलएनजी जहाज हैं. जिससे देश में एलपीजी की किल्लत हो सकती है. हालांकि, सरकार ने घरेलू उत्पादन में 40% वृद्धि की है और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है.










