
तेलंगाना में गांधी फैमिली शो... 'सोनिया अम्मा' की अपील पर राहुल-प्रियंका का दांव
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तेलंगाना में राहुल गांधी का करीब करीब वैसा ही कैंपेन रहा है, जैसा 2017 में गुजरात में देखा गया था. प्रियंका गांधी के साथ रोड शो में सेल्फी लेते देखे गये राहुल गांधी चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सोनिया गांधी को तेलंगाना तो नहीं बुला सके लेकिन 'सोनिया अम्मा' का संदेश जरूर पहुंच गया है.
विधानसभा चुनाव वाले पांच राज्यों में एक तेलंगाना ही ऐसा रहा जहां राहुल गांधी खुल कर अपने मन की बात कर पाये. और प्रियंका गांधी को भी खुल कर खेलने का भरपूर मौका मिल सका - और ये इसलिए भी संभव हो सका क्योंकि तेलंगाना में रेवंत रेड्डी ने ये सब होने दिया.
राजस्थान में तो गांधी परिवार की भूमिका रस्मअदायगी भर ही देखने को मिली. वैसे मौका मिलने पर राहुल गांधी ने फायदा भी उठाया. बगैर ये परवाह किये कि उनके बयानों से अशोक गहलोत की मेहनत पर पानी तो नहीं फिर जाएगा, राहुल गांधी ने बीजेपी के खिलाफ भड़ास निकाल कर रख दी.
चुनावी रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'पनौती' से लेकर 'जेबकतरा' तक कह कर बुलाते रहे. ये समझना भी मुश्किल हो रहा था कि राहुल गांधी ज्यादा खफा बीजेपी और मोदी से हैं, या फिर अपने ही अशोक गहलोत से. अशोक गहलोत ने चुनाव प्रचार के आखिरी दौर तक आने तक बड़ी ही संजीदगी से कैंपेन किया था. मोदी और बीजेपी नेता अमित शाह के आरोपों का भी बड़े आराम से जवाब दिया था, और अच्छी बाड़बंदी भी कर रखी थी.
छत्तीसगढ़ में भी करीब करीब राजस्थान जैसा ही हाल रहा. भूपेश बघेल के साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के थोड़े बेहतर अनुभव रहे होंगे, बनिस्बत अशोक गहलोत के मुकाबले. मिजोरम तो वैसे भी सबकी पहुंच के बाहर रहा, और मध्य प्रदेश में कमलनाथ ने सारा ही कंट्रोल अपने हाथ में ले रखा था. मध्य प्रदेश में जितने अधिकार दिग्विजय सिंह को हासिल थे, उतने ही गांधी परिवार को भी, फिर मल्लिकार्जुन खड़गे की कौन कहे. कैंपेन के बीच ही महत्वपूर्ण मौके छोड़ कर चुनाव प्रभारी कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला का दिल्ली लौट आना मिसाल है.
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से फ्री होने के बाद प्रियंका गांधी भी राहुल गांधी के साथ तेलंगाना में कांग्रेस के चुनाव कैंपेन में शिद्दत से जुट गयी थीं - और चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सोनिया गांधी के भी तेलंगाना पहुंचने की चर्चा धीरे से छेड़ दी गयी थी.
सोनिया गांधी के कार्यक्रम की घोषणा तो नहीं की गयी थी, लेकिन ऐसा माहौल तो बना ही दिया गया था कि लोग उनका इंतजार करने लगें. बहरहाल, सोनिया गांधी तो नहीं पहुंची, लेकिन कांग्रेस की तरफ से सोनिया गांधी की इमोशनल अपील वाला एक वीडियो मैसेज जरूर जारी कर दिया गया - अपने संदेश में सोनिया गांधी ने राहुल गांधी के भाषणों से 'प्रजाला सरकार' और कांग्रेस के सोशल मीडिया कैंपेन से 'बदलाव' का विशेष रूप से जिक्र जरूर किया है.

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