
तेलंगाना में 'ऑपरेशन फार्म हाउस' की जांच सीबीआई करेगी, HC ने दिए आदेश
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तेलंगाना में सत्तारूढ़ बीआरएस पार्टी के विधायक रोहित रेड्डी ने दावा किया है कि उन्हें बीजेपी की तरफ से आए तीन लोगों ने 100 करोड़ रुपये की पेशकश की है. बदले में टीआरएस (अब बीआरएस) छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का ऑफर दिया और अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा से लड़ने की शर्त रखी गई थी.
तेलंगाना में 'ऑपरेशन फार्म हाउस' का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. अब हाईकोर्ट ने इस केस की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है. बीते दिनों तेलंगाना की सत्तारूढ़ पार्टी भारत राष्ट्र समिति (BRS) विधायक रोहित रेड्डी ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया था. बीआरएस विधायक रेड्डी ने कहा था कि बीजेपी ने विधायकों को खरीदने के लिए बड़ी रकम देने का ऑफर दिया है. इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था.
बाद में यह मामला तेलंगाना हाई कोर्ट पहुंचा था. अब HC ने इस केस की जांच को सीबीआई को ट्रांसफर करने का आदेश जारी किया है. वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी एक्शन में देखा जा रहा है. ईडी ने एक हफ्ते पहले बीआरएस के तंदूर से विधायक पायलट रोहित रेड्डी को तलब किया था और पूछताछ की थी. रेड्डी ने बताया था कि ईडी के अधिकारियों ने उनका ब्योरा मांगा. लेकिन यह नहीं बताया कि उन्होंने समन क्यों जारी किया. उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने उनके पूछने के बावजूद उन्हें पेश होने का कारण नहीं बताया.
ईडी ने बीआरएस विधायक से मांगी थी जानकारी
रेड्डी ने कहा कि कानून का पालन करने वाले नागरिक के तौर पर वह केंद्रीय एजेंसी के सामने पेश हुए और उनके सवालों का जवाब दिया. ईडी के अधिकारियों ने सिर्फ उनके, उनके परिवार और उनके व्यवसाय के बारे में जानकारी मांगी. उन्होंने मुझसे किसी भी अवैध लेनदेन या मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित कुछ भी नहीं पूछा.
खरीद-फरोख्त में तीन की हुई थी गिरफ्तारी
बताते चलें कि बीआरएस विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त के प्रयास के मामले में रामचंद्र भारती उर्फ सतीश शर्मा, नंदू कुमार और सिम्हायाजी स्वामी नामजद तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है. बाद में तीनों को गिरफ्तार किया गया. हालांकि, हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है.

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