
'तुरंत इस्तीफा दे दूंगा अगर यूक्रेन...', जेलेंस्की ने राष्ट्रपति पद छोड़ने के लिए रखी ये शर्त
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जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से यूक्रेन की स्थिति को समझने और रूस की आक्रमकता के खिलाफ अपनी रक्षा के अधिकार का समर्थन करने के लिए ठोस सुरक्षा गारंटी प्रदान करने का आग्रह किया. उन्होंने यह भी कहा कि वह ट्रंप को यूक्रेन के साझेदार के रूप में और कीव और मॉस्को के बीच मध्यस्थ के रूप में देखना चाहते हैं.
वलोदिमिर जेलेंस्की ने रविवार को घोषणा की कि अगर उनके राष्ट्रपति पद छोड़ने से यूक्रेन को नाटो (NATO) की सदस्यता मिलती है, तो वह बिना देर किए इस्तीफा दे देंगे. कीव में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए जेलेंस्की ने कहा, 'अगर मेरे राष्ट्रपति नहीं रहने से यूक्रेन में शांति आती है, इसके लिए मुझे पद छोड़ने की जरूरत है, तो मैं इसके लिए तैयार हूं. मैं यूक्रेन को नाटो का सदस्य बनाने के बदले अपना पद त्यागने के लिए तैयार हूं.' उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह तुरंत राष्ट्रपति पद से हट जाएंगे.
इसके अलावा, जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से यूक्रेन की स्थिति को समझने और रूस की आक्रमकता के खिलाफ अपनी रक्षा के अधिकार का समर्थन करने के लिए ठोस सुरक्षा गारंटी प्रदान करने का आग्रह किया. जेलेंस्की ने यह भी कहा कि वह ट्रंप को यूक्रेन के साझेदार के रूप में और कीव और मॉस्को के बीच मध्यस्थ के रूप में देखना चाहते हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेनी राष्ट्रपति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'मैं ट्रंप से एक-दूसरे के बारे में बहुत कुछ समझना चाहता हूं. हमें अमेरिका से सुरक्षा गारंटी की बहुत जरूरत है.'
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रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन वर्ष पूरे
यूक्रेन पर रूस के हमले की तीसरी वर्षगांठ से पहले पत्रकारों से बात करते हुए वलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उनका देश और ट्रंप प्रशासन एक समझौते के बेहद करीब थे, जिसके तहत यूक्रेन को सुरक्षा सहायता प्रदान करने के बदले अमेरिका उसके प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल कर सकता. बता दें कि रूस ने 24 फरवरी, 2022 को यूक्रेन पर हमला किया था. तब से दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है. पिछले साल डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष में जानमाल के भारी नुकसान का हवाला देते हुए दोनों देशों के बीच शांति समझौता कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने का इरादा व्यक्त किया था.
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