
तंगहाल पाकिस्तान के रईसी वाले शौक, 6 महीने में इंपोर्ट की 27 हजार करोड़ की लग्जरी कारें!
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एक तरफ पाकिस्तान भयंकर आर्थिक संकट से जूझ रहा है तो दूसरी तरफ वहां के लोगों के रईसी वाले शौक भी कम नहीं हो रहे हैं. पाकिस्तान सरकार अपने विदेशी इंपोर्ट कम करने की कोशिश में लगी हुई है तो वहीं पिछले 6 महीने में वहां के लोगों ने 27 हजार करोड़ की लग्जरी कारें और व्हीकल इंपोर्ट कर लिए हैं.
आर्थिक तंगहाली और बेतहाशा बढ़ते कर्ज के बीच पाकिस्तान में लग्जरी कारों की डिमांड तेजी से बढ़ी है. पाकिस्तान ने पिछले 6 महीने के अंदर लग्जरी कारों, हाई-एंड इलेक्ट्रिक वाहनों और उनके पार्ट्स सहित ट्रांसपोर्ट के सामान इंपोर्ट करने पर 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 27,582 करोड़ पाकिस्तानी रुपए) खर्च कर दिए.
पिछले साल के रिकॉर्ड को देखें तो पाकिस्तान ने जरूरी चीजों के आयात पर कमी करने की कोशिश जरूर की है, लेकिन इसके बावजूद महंगी और लग्जरी कारों के आयात में बढ़ोतरी हुई है. पिछले 6 महीनों के दौरान पाकिस्तान ने 530.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की पूरी तरह से बिल्ट और बाकी पार्ट्स आयात किए हैं. पाकिस्तानी करंसी में इसकी कीमत करीब 118.2 अरब रुपए के बराबर है.
बढ़ते आयात से अर्थव्यवस्था को लगातार हो रहे नुकसान के बाद भी पाकिस्तान में कारों और दूसरे वाहनों के आयात पर भारी भरकम खर्च किया जा रहा है. इससे औद्योग को लेकर पाकिस्तान की नीति पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. पाकिस्तान ने साल 2022-23 में जुलाई से दिसंबर के दौरान पूरी तरह से निर्मित इकाइयों (सीबीयू) के तहत बसों, ट्रकों और अन्य भारी वाहनों का आयात 75 मिलियन अमरीकी डालर (16.6 अरब रुपये), मोटर कारों का 32.6 मिलियन अमरीकी डॉलर था.
लग्जरी कारों के अलावा पाकिस्तान में बसों, ट्रकों और दूसरे भारी वाहनों का भी बड़ी तादाद में इंपोर्ट किया गया है. पाकिस्तान ने पिछले 6 महीने में 722.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर (161 अरब रुपये) के भारी वाहन और 498 मिलियन अमेरिकी डॉलर (111 अरब रुपये) की कार का इंपोर्ट किया है. इसके अलावा 2.76 करोड़ डॉलर की बाइक्स का इंपोर्ट भी किया है. इसके अलावा गाड़ियों के पार्ट्स और एक्सेसरीज के आयात में 18.86 करोड़ डॉलर (42 अरब रुपये) खर्च किए गए. विमानों, जहाजों और नावों के आयात पर 47.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च किए गए.
सिर्फ दिसंबर की ही बात करें तो ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में 140.7 मिलियन अमेरिकी डालर (31.6 बिलियन रुपए) का इंपोर्ट किया गया. इसमें से 47.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर या 11.3 बिलियन रुपये कारों के आयात पर, 27 मिलियन अमेरिकी डॉलर उपकरण पर, 3.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर मोटरसाइकिल आयात पर, 25 मिलियन अमेरिकी डॉलर बसों, ट्रकों और भारी वाहनों पर 22.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च किए गए.
भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान इन दिनों भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है. उसके विदेशी मुद्रा भंडार में 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर की कमी आई है. इसके चलते पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक को जरूरी चीजों के आयात को कम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आर्थिक संकट के बावजूद पाकिस्तान की मौजूदा सरकार ने हाल ही में लग्जरी कारों के आयात पर प्रतिबंध हटा दिया है. ये डॉलर के देश से बाहर जाने का बड़ा कारण है.

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