
ड्रग लॉर्ड का Dead End... पाब्लो एस्कोबार की गलतियों से सबक लेकर बचता रहा था अल मेंचो
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बीते रविवार को पुलिस मुठभेड़ में अल मेंचो की मौत हुई. वह अमेरिका का मोस्ट वॉटेंड ड्रग तस्कर था और मेक्सिको के सबसे ताकतवर, प्रभावशाली और बेरहम माफिया गैंग में से एक का सरगना था.
शुरुआत में उसकी सिर्फ 3 तस्वीरें थीं. कायदे से तो उन्हें तस्वीर कहना भी सही नहीं होगा. 1990 के दशक की शुरुआत में अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन यानी डीईए ने गिरफ्तारी के समय उसके तीन मगशॉट लिए थे. पहली बार उसे थोड़ी सी मारिजुआना के साथ पकड़ा गया था. दूसरी दफा वह सैन फ्रांसिस्को के एक बार में अंडरकवर ऑफिसर्स को हेरोइन बेचते हुए दबोचा गया. उस समय उसकी उम्र 20 साल से कुछेक साल ज्यादा ही रही होगी.
वो गैरकानूनी रूप से अमेरिका की सीमा में दाखिल होता, पुलिस के हत्थे चढ़ता और डिपोर्ट कर दिया जाता. लेकिन फिर अमेरिका आ धमकता लेकिन उसने कुछेक साल जेल में बिताने के बाद मेक्सिको लौटने का फैसला किया. इसके बाद से पुलिस रिकॉर्ड में उसकी कोई नई तस्वीर कैद नहीं हो पाई. यहां बात हो रही है मेक्सिको के सबसे ताकतवर ड्रग माफिया अल मेंचो की.
ड्रग माफिया का नाम लेते ही बेशक सबसे पहले जेहन में पाब्लो एस्कोबार का चेहरा आता हो. लेकिन पाब्लो से इतर मेंचो के धंधे में वर्सेटैलिटी थी. वह ड्रग्स तक सीमित नहीं रहा. उगाही से लेकर चोरी, माइग्रेंट ट्रैफिकिंग का उसका कारोबार मेक्सिको की दहलीज लांघकर अमेरिका तक फैला था. जज, नेता और सैन्य अधिकारियों का कत्ल करने के लेकर शहर दर शहर चक्का जाम करना, भाड़े के विदेशी गुंडों से जुर्म करवाना और सेना के हेलिकॉप्टर तक मार गिराने जैसे काम अल मेंचो का कार्टेल धड़ल्ले से करता था.
बीते रविवार को पुलिस मुठभेड़ में अल मेंचो की मौत हुई. वह मोस्ट वॉटेंड ड्रग तस्कर था और मेक्सिको के सबसे ताकतवर, प्रभावशाली और बेरहम माफिया गैंग में से एक का सरगना था.
अपराध की दुनिया में मेंचो की एंट्री
लेकिन अल मेंचो के अपराध की दुनिया में दाखिल होने की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है. वह मेक्सिको के मिशोएगन के गरीब किसान घर में पैदा हुआ. यह एक ऐसा इलाका था, जहां कपास और अफीम की खेती होती थी. युवावस्था में अमेरिका की सीमाएं पार करने के बाद उसने अपराध की दुनिया में सबसे निचले पायदान से शुरुआत की. वह सिनालोआ कार्टेल से जुड़े एक गुट के लिए सुपारी किलर के तौर पर काम करने लगा.

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