
होर्मुज पर ट्रंप की बदलती रणनीति से उठे सवाल, क्या बिना एग्जिट प्लान के जंग में उतरा अमेरिका?
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होर्मुज संकट के बीच ट्रंप की बदलती रणनीति, ईरान को अल्टीमेटम और पावर प्लांट पर हमले की धमकी ने अमेरिका की तैयारी और नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं, ईरान भी झुकने का नाम नहीं ले रहा है और अमेरिका-इजरायल के हमलों का मजबूती से जवाब दे रहा है.
ईरान के साथ जंग शुरू हुई तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लगा था कि जल्दी काम हो जाएगा. लेकिन हुआ उल्टा. होर्मुज की खाड़ी बंद है. दुनियाभर में तेल के दाम आसमान छू रहे हैं. अमेरिका में भी पेट्रोल महंगा हो गया है. और अगले साल मिडटर्म चुनाव हैं, जिनमें महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा बन सकती है.
राष्ट्रपति ट्रंप को जल्दी कोई रास्ता चाहिए. और वो एक के बाद एक तरीके आजमा रहे हैं. लेकिन कोई काम नहीं आ रहा.
एक हफ्ते में ट्रंप ने क्या-क्या किया?
राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले दूसरे देशों से कहा कि मिलकर जंगी जहाज भेजो और होर्मुज खुलवाओ. सबने मना कर दिया. फिर कहा कि ठीक है, अमेरिका अकेले कर लेगा.
उसके बाद कहा कि अब दूसरे देशों को खुद संभालना होगा, हम निकलेंगे. कुछ घंटे बाद कहा कि होर्मुज "खुद ही खुल जाएगा." शुक्रवार को ईरानी तेल पर से पाबंदी हटाई ताकि बाजार में तेल आए और दाम नीचे आएं. और अब शनिवार को सीधी धमकी दे दी.
ताजा धमकी क्या है? ट्रंप ने सोशल मीडिया पर 51 शब्दों का एक पोस्ट लिखा, ज्यादातर कैपिटल लेटर्स में. मतलब साफ था, "48 घंटे में होर्मुज खोलो. नहीं तो ईरान के बिजलीघर तबाह कर देंगे - सबसे बड़े से शुरुआत होगी." यानी अब निशाना सैन्य ठिकाने नहीं बल्कि वो बिजलीघर जिनसे ईरान के घर, अस्पताल और कारखाने चलते हैं.

अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर जारी होने वाले विशेष सोने के सिक्के को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. प्रस्तावित सिक्के पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर छापने के फैसले ने कानूनी और राजनीतिक बहस छेड़ दी है. जहां ट्रंप समर्थक इसे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बता रहे हैं.

जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने कहा है कि यदि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर हो जाता है तो जापान होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछी समुद्री बारूदी सुरंगों (नेवल माइंस) को हटाने के लिए अपने अत्याधुनिक 'माइनस्वीपर' जहाज तैनात करेगा.

ईरान जंग से तेल $112 प्रति बैरल तक पहुंच रहा है. एयरलाइंस उड़ानें काट रही हैं. ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है. जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश में फ्यूल राशनिंग शुरू हो गई है. IEA का 10-पॉइंट प्लान आ गया है. दुनियाभर की सरकारें इसे एनर्जी सिक्योरिटी कहेंगी, लेकिन असर लॉकडाउन जैसा दिखना शुरू हो चुका है. इस बार चेतावनी भी नहीं मिलेगी.

जापान ने कहा है कि अगर इजरयाल-अमेरिका का ईरान के साथ जो युद्ध जल रहा है, उसपर अगर पूरी तरह से विराम लगता है तो वह होर्मुज के रास्ते से माइंस हटाने का सोचेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो दिन पहले ही जापान के प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की थी. इस मुलाक़ात के बाद जापान की ओर से यह बयान जारी किया गया है.

ईरान ने दक्षिण इजरायल के अराद और डिमोना में भीषण मिसाइल हमले किए है. इजरायली विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में बच्चों समेत 100 से ज्यादा लोग घायल है. ईरान ने इन हमलों के लिए बैलिस्टिक मिसािलों का इस्तेमाल किया और डिमोनो शहर जहां इजरायल का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र के पास ये हमला हुआ, जो कि बड़ा चिंता का विषय है.








