
डोनाल्ड ट्रंप से मिले बेंजामिन नेतन्याहू, ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता पर रखा इजरायल का पक्ष
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इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की. इस मुलाकात का उद्देश्य ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर अमेरिका के साथ चल रही वार्ता में इजरायल का पक्ष रखना है.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की. इस मुलाकात का उद्देश्य ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर अमेरिका की चल रही वार्ताओं पर इजरायल का पक्ष मजबूती से रखना बताया जा रहा है. ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के बाद यह नेतन्याहू की सातवीं अमेरिका यात्रा है.
यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब एक सप्ताह पहले ही ईरान और अमेरिका के अधिकारियों ने ओमान में संभावित समझौते को लेकर बातचीत की थी. हालांकि अब तक इसमें खास प्रगति नहीं हुई है, क्योंकि ईरान चाहता है कि बातचीत केवल उसके परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहे. ओवल ऑफिस में ट्रंप के साथ बैठक से पहले नेतन्याहू ने बुधवार सुबह ब्लेयर हाउस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की.
इसके अलावा, ईरान वार्ता में अमेरिका के प्रमुख वार्ताकार- विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के सलाहकार व दामाद जारेड कुश्नर ने मंगलवार शाम नेतन्याहू के साथ बैठक की थी. इजरायल को आशंका है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ ऐसा सीमित समझौता कर सकता है, जिसमें केवल परमाणु कार्यक्रम पर ध्यान दिया जाए और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता तथा हमास, हिज्बुल्लाह और हूती जैसे क्षेत्रीय गुटों को समर्थन जैसे मुद्दों को नजरअंदाज कर दिया जाए.
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तेल अवीव से रवाना होने से पहले नेतन्याहू ने कहा, 'मैं राष्ट्रपति ट्रंप के सामने इन वार्ताओं से जुड़े उन मूल सिद्धांतों को रखूंगा, जो न केवल इजरायल बल्कि मध्य पूर्व में शांति और सुरक्षा चाहने वाले सभी लोगों के लिए जरूरी हैं.' नेतन्याहू की ट्रंप से मुलाकात से कुछ घंटे पहले इजरायली रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि अमेरिका की मिसाइल डिफेंस एजेंसी के साथ मिलकर डेविड्स स्लिंग एयर डिफेंस सिस्टम के परीक्षण किए गए हैं. यह सिस्टम इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से विकसित की है और जून में 12 दिनों तक चले युद्ध के दौरान ईरानी मिसाइलों को रोकने में इसका इस्तेमाल किया गया था.
बता दें कि अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे, जिससे उन्हें भारी नुकसान पहुंचा. इसके बाद ईरान ने अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार और बमबारी वाले स्थलों तक पहुंच देने से रोक दिया. अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा दी है, ताकि जरूरत पड़ने पर ईरान के खिलाफ कार्रवाई के विकल्प खुले रहें.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.

ईरान ने पहली बार अपनी घातक मिसाइल सेजिल का इस्तेमाल कर इजरायल पर हमला किया है. इस हमले से ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ 54वां चरण शुरु कर दिया है. IRGC के ऐरोस्पेस प्रमुख ने बताया कि सेजिल मिसाइल से कमांड और कंट्रोल केंद्रों पर मला किया. इस मिसाइल में ईरान के अंदर से इजरायल को निशाना बनाने की पूरी क्षमता है.









