
डाकघर में मात्र 30 रुपये में मिल रहा गंगोत्री का पवित्र गंगाजल, सावन के महीने में बढ़ी डिमांड
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सावन का महीना शुरू होते ही गंगाजल की डिमांड बढ़ जाती है. ऐसे में गंगाजल की बढ़ती मांग को देखते हुए डाकघर प्रबंधन ने भी लोगों को घर बैठे गंगोत्री का पावन गंगाजल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है.
सावन का पवित्र महीना चल रहा है. ऐसे में सावन के महीने में अब शिव भक्तों को गंगाजल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा, क्योंकि अलवर शहर में गंगा के उद्गम गोमुख से निकलने वाला गंगा का शुद्ध व पवित्र जल आसानी से मिल रहा है. डाक विभाग की तरफ से सावन के महीने में अभिषेक करने के लिए गंगाजल बेचा जा रहा है और देश के सभी डाकघर में गंगाजल मौजूद है. सावन में बढ़ी गंगाजल की मांग सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा अर्चना का खास महत्व है. इस महीने में लाखों शिव भक्त सैकड़ों किलोमीटर दूर से कांवड़ लेकर रहते हैं और भगवान शिव का अभिषेक करते हैं. लोगों की भक्ति को देखते हुए डाक विभाग की तरफ से शिव भक्तों को विशेष तोहफे के तौर पर गंगोत्री का गंगाजल उपलब्ध कराया जा रहा है. 250 एमएल गंगाजल की बोतल की कीमत मात्र 30 रुपये है. सावन के महीने में इसकी डिमांड कई गुना बढ़ गई है. लोग गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक कर रहे है. वहीं, प्रधान डाकघर के अलावा उप डाकघर पर भी गंगाजल उपलब्ध है.
अलवर प्रधान डाकघर के हेड पोस्ट मास्टर राम खिलाड़ी ने बताया कि गंगोत्री से गंगाजल लाना शिव भक्तों के लिए आसान नहीं होता है. प्रत्येक व्यक्ति गंगोत्री नहीं जा सकता है. इसलिए डाक विभाग की तरफ से गोमुख से निकलने वाली गंगा का गंगोत्री से गंगाजल दिया जा रहा है. गोमुख से गंगा का उद्गम होता है, इसलिए गंगोत्री के गंगाजल को सबसे पवित्र माना गया है. सावन के महीने के चलते अचानक गंगाजल की डिमांड कई गुना बढ़ गई है.
लोगों को भी इससे खास फायदा हुआ है, जो लोग गंगाजल से भगवान शिव की पूजा करना चाहते हैं या घर के पूजन कार्य में गंगाजल काम में लेना चाहते हैं उनको शुद्ध गंगाजल आसानी से मिल रहा है. सावन के महीने में गंगाजल मिलने से शिव भक्त खुश हैं तो कई जगह पर डिमांड ज्यादा होने के कारण गंगाजल की कमी भी आ गई है.

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