
ट्रंप को जिस 'एक कॉल' की उम्मीद थी, वह PM मोदी ने क्यों नहीं किया?
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अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक का कहना है कि पीएम मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया, जिसकी उन्हें उम्मीद थी. ऐसे में सवाल उठता है कि पीएम मोदी ने आखिर ट्रंप को फोन क्यों नहीं किया?
अमेरिका और भारत के बीच अब तक शायद ट्रेड डील हो गई होती, अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात कर ली होती. ये दावा अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने किया है. उन्होंने बताया कि ट्रंप को पीएम मोदी के फोन कॉल की उम्मीद थी लेकिन उन्होंने फोन ही नहीं किया.
उन्होंने कहा कि टैरिफ लगने के बाद भारत और अमेरिका के बीच एक ट्रेड पर बात चल रही थी. उम्मीद थी कि ये डील 2025 में हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
लुटनिक ने एक पॉडकास्ट में कहा कि पूरी ट्रेड डील सेट हो गई थी लेकिन साफ कर दूं कि यह उनकी (ट्रंप की) डील थी. वह डील फाइनल करते हैं. बस मोदी को राष्ट्रपति को फोन करना था. लेकिन मोदी ने फोन नहीं किया.
लुटनिक ने खुद इस बात का इशारा किया कि समय के साथ डील की शर्तें बदलती रही थीं. जिस बात पर अमेरिका पहले सहमत हुआ था, बाद में वह पलट गया. उन्होंने कहा कि भारत ने कहा कि आप तो सहमत हुए थे और मैंने कहा कि तब, अब नहीं.
भारत के साथ जब ट्रेड डील को लेकर बात चल रही थी, तभी अमेरिका ने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ डील पक्की कर ली. लुटनिक ने कहा कि ब्रिटेन के साथ डील ब्रिटिश पीएम किएर स्टार्मर के ट्रंप को फोन करने के बाद हुई.
हालांकि, भारत ने लुटनिक के दावे को खारिज कर दिया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीएम मोदी ने 2025 में कम से कम आठ बार फोन पर राष्ट्रपति ट्रंप से बात की थी.

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