
'ट्रंप को चुकानी होगी कीमत...', US प्रेसिडेंट को ईरान की धमकी, कहा- खामेनेई की हत्या का बदला लेंगे!
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ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है कि तेहरान उनको नहीं छोड़ेगा. उनको सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की कीमत चुकानी पड़ेगी. वहीं ट्रंप ने इन धमकियों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है.
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान के वरिष्ठ नेता और सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि तेहरान उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगा और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी. शनिवार को लारीजानी ने कहा कि ईरान अपने नेता के खून का बदला लेने के लिए प्रतिबद्ध है.
ईरान के सरकारी टेलीविजन से बातचीत में अली लारीजानी ने आरोप लगाया कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की प्रतिक्रिया को गलत तरीके से आंका है. यह लड़ाई जल्दी खत्म होने वाली नहीं है. उन्होंने कहा, ''ट्रंप को वेनेजुएला में जो हुआ उसका अंदाजा हो गया था. उन्हें यह पसंद आया. उन्हें लगा कि वे ईरान में भी जल्दी ही ऐसा कर सकते हैं. लेकिन अब वो खुद बुरी तरह फंस गए हैं.''
अली लारीजानी ने आगे कहा, ''हम उन्हें अकेला नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने जो किया है उसकी कीमत उन्हें चुकानी होगी. उन्होंने हमारे लीडर को मारा और हमारे 1000 से ज्यादा लोगों को शहीद कर दिया.'' उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी चेतावनी दोहराई. उन्होंने लिखा कि जब तक ईरान अपने नेता के खून का बदला नहीं ले लेता, तब तक तेहरान नरम नहीं पड़ेगा.
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, ''हम उन्हें तब तक अकेला नहीं छोड़ेंगे जब तक हम उनके किए का बदला नहीं लेते.'' मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के पहले ही दिन ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद लारीजानी सबसे चर्चित और प्रभावशाली नेता बनकर उभरे हैं. दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लारीजानी की चेतावनियों को पूरी तरह खारिज कर दिया.
उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि ईरानी अधिकारी कौन हैं और उनकी बातों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. ट्रंप ने कहा, ''मुझे नहीं पता कि वह किस बारे में बात कर रहे हैं और वह कौन हैं. मुझे इसकी कोई परवाह नहीं है. ईरान पहले ही हार चुका है.'' उन्होंने ईरान के दूसरे नेताओं की आलोचनाओं को भी नजरअंदाज करते हुए कहा कि वो लगातार कमजोर होता जा रहा है.
उन्होंने दोहराया कि अमेरिकी सैन्य अभियान जारी रहेंगे और ईरान को बिना शर्त सरेंडर करना होगा. इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने युद्ध शुरू होने के बाद तेहरान के जवाबी हमलों को लेकर पड़ोसी देशों से माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि ईरान तब तक दूसरे देशों को निशाना नहीं बनाएगा जब तक उस पर पहले हमला नहीं किया जाता. ईरान ने किसी पड़ोसी देश को निशाना नहीं बनाया है.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.

भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह सलाह अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच जारी की गई है. दूतावास ने भारतीयों से आधिकारिक संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबरों पर मदद लेने की अपील की है. दूतावास ने कहा, 'हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें'. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

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