
टूलकिट केस में दिशा रवि को किस शर्त पर मिली जमानत? सुनिए 'आज का दिन'
AajTak
किसान आंदोलन के दौरान उछले टूलकिट मामले में गिरफ्तार 21 साल की पर्यावरण एक्टिविस्ट दिशा रवि को ज़मानत मिल गई है. पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे कल राहत दी.
किसान आंदोलन के दौरान उछले टूलकिट मामले में गिरफ्तार 21 साल की पर्यावरण एक्टिविस्ट दिशा रवि को ज़मानत मिल गई है. पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे कल राहत दी. कोर्ट ने दिशा को 1 लाख रुपये का निजी मुचलका जमा करने की शर्त पर जमानत दी थी जिसके बाद दिशा रात को तिहाड़ जेल से बाहर आयीं. उधर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने जमानत पर सुनवाई के दौरान कहा कि लड़की का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, लिहाज़ा ज़मानत को ठुकराने का कोई तुक नहीं बनता. इसके अलावा कोर्ट के क्या ऑब्जरवेशन रहे, जिसकी बिनाह पर उन्हें जमानत मिली, बता रही हैं हमारी सहयोगी अनीशा माथुर. कोरोना के केसे एक समय काम होते दिखाई दे रहे थे. माना भी जाने लगा कि कोरोना कंट्रोल में आ रहा है लेकिन जिस तरह से नए मामलों ने रफ्तार पकड़ी वो परेशान करनेवाला है. महाराष्ट्र के कुछ शहरों में तो प्रतिबंध लग गए है और केरल मध्यप्रदेश, पंजाब भी कम प्रभावित नहीं हैं. इन्हीं सब सिचुएशंस को देखते हुए कल पीएमओ ने कोरोना को लेकर इमरजेंसी मीटिंग बुलाई. क्या इस मीटिंग में डिस्कस हुआ बता रही हैं आजतक रेडियो की रिपोर्टर स्नेहा मोरदानी.
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा अली लारीजानी को इजरायल ने टारगेट किया है. हालांकि ये अब तक साफ नहीं है कि अली लारीजानी की स्थिति कैसी है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है.

एक तरफ अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे है. वहीं दूसरी तरफ हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की जंग जारी है. इजरायल ने एक बार फिर लेबनान में हमला किया. लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली एयर फोर्स ने एयर स्ट्राइक की. हिज्बुल्लाह के ठिकानों को इजरायल ने निशाना बनाया, हमले के बाद बेरूत के कई इलाकों में धमाके की आवाज सुनी गई. हमले के बाद काला धुआं भी उठता देखा गया.

होर्मुज में तेल और गैस पर ईरान ने जो रोक लगा रखी है, उसकी सुरक्षा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने मित्र देशों से युद्धपोत भेजने की गुहार लगाई है. लेकिन फ्रांस, जापान, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया ने युद्धपोत भेजने से इनकार कर दिया, यगां तक की यूके ने भी कहां वो अभी इसपर विचार विमर्श कर रहे है.

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से सारे शहर में सन्नाटा पसरा है. जिस अस्पताल में कभी हजार से ज्यादा मरीज थे वो इमारत अब खंडहर में तब्दीर हो गई है. चारों ओर सिर्फ आग और धुंए का गुबार दिख रहा है. इस हमले से 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हो चुके है.









