
टूलकिट केसः मरीना पैटरसन की थी 'वैश्विक अभियान' शुरू करने में अहम भूमिका
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पहला टूलकिट 23 जनवरी को बना था. फिर दूसरा टूलकिट 31 जनवरी को बना जिसमें फरवरी के पहले हफ्ते में कुछ बड़ा करने की बात कही गई थी. पहले टूलकिट के कई कंटेंट इस दूसरे टूलकिट में भी शामिल थे और 3 फरवरी को ग्रेटा थनबर्ग ने टेलीग्राम ऐप के माध्यम से दिशा से टूलकिट हासिल किया था.
टूलकिट मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं. मरीना पैटरसन ने वैश्विक अभियान शुरू करने में "महत्वपूर्ण भूमिका" निभाई थी. पहला टूलकिट 23 जनवरी को बनाया गया था जबकि दूसरा टूलकिट 31 को बना. दिशा ने ग्रेटा थनबर्ग को 3 फरवरी को यह टूलकिट दिया, जिसे उन्होंने गलती से सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. बाद में उन्हें इसे डिलीट करना पड़ा. दूसरा टूलकिट अधिक विस्तार से था और इसमें अधिक लिंक, नाम और हैशटैग शामिल थे. इस दूसरे टूलकिट का प्रारूप मरीना पैटरसन द्वारा बनाया गया और यह तब बनाया गया था जब पहली टूलकिट के माध्यम से योजना 26 जनवरी को नाकाम हो गई थी. वे चाहते थे कि हिंसा हो और वे मान कर चल रहे थे कि 26 जनवरी को कई लोग पुलिस की कार्रवाई में मारे जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ऐसा होता तो खालिस्तान उग्रवाद को फिर से हवा देने में मदद मिलती.
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