
टारगेट डाउन...! ड्रग लॉर्ड के आखिरी घंटे, एनकाउंटर और मेक्सिको का 'रियल टाइम थ्रिलर'!
AajTak
महीनों की जासूसी के बाद क्लू मिला और मेक्सिको में समानांतर सरकार चलाने वाले ड्रग लॉर्ड एल मेंचो की लोकेशन ट्रैक हो गई. वो एक हाई-सिक्योरिटी वाली कैबिन में छिपा था. सुरक्षा में थे CJNG के हथियारबंद गार्ड्स. 20 फरवरी से ऑपरेशन शुरू हो चुका था, रात के अंधेरे में मेक्सिकन कमांडोज सधे-सधे आगे बढ़ रहे थे.
फरवरी 2026 की एक ठंडी सुबह, मेक्सिको की जलीस्को पहाड़ियों में तपालता का छोटा-सा इलाका अभी नींद से जाग भी नहीं पाया था. सूरज की पहली किरणें जब पेड़ों से छन ही रही थीं, तभी हेलीकॉप्टरों की गड़गड़ाहट ने सन्नाटा चीर दिया. मैक्सिकन स्पेशल फोर्सेज के जवान काले मास्क, हेवी आर्मर, नाइट विजन ग्लास लगाए जंगल के घने इलाके में उतर पड़े. इनका टारगेट था दुनिया का सबसे खतरनाक ड्रग लॉर्ड एल मेंचो.
नशों और मौत के इस सौदागर को दुनिया नेमेसियो ओसगेरा सर्वांटीज़ से जानती थी.
दुनिया के सबसे ताकतवर क्रिमिनल्स में से एक के पास कितने सिक्योरिटी रिंग हो सकते हैं? यह एक ऐसा सवाल था जो मैक्सिकन सरकार ने खुद से कई बार पूछा था. उसे पकड़ने में कितनी जानें जा सकती हैं? यह दूसरा सवाल था.
मेक्सिको के एक अखबार EL PAIS ने इस ऑपरेशन की डिटेल रिपोर्ट छापी है.
अखबार लिखता है कि मेक्सिको सरकार के तमाम अनुमानों से इतर शनिवार को एल मेंचो के साथ टापालपा के बाहर कुछ केबिन में सिर्फ़ दस बॉडीगार्ड थे. स्पेशल फोर्स ने जमीन और हवा से तैयारी शुरू कर दी. जलीस्को के पास छह हेलिकॉप्टर तैनात किए गए थे "ताकि गोपनीयता बनी रहे और सरप्राइज़ पक्का किया जा सके." रविवार सुबह-सुबह हमले को चौकन्ना बैठे कमांडोज को आखिरी कन्फर्मेशन मिल गई.
मिलिट्री ने केबिन के चारों ओर पैदल सैनिकों को तैनात किया. उनके पास दो सपोर्ट एयरक्राफ्ट थे. रक्षा मंत्री की ताकीद थी- उसे गिरफ्तार किया जाएगा.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.

भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह सलाह अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच जारी की गई है. दूतावास ने भारतीयों से आधिकारिक संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबरों पर मदद लेने की अपील की है. दूतावास ने कहा, 'हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें'. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.








