
टाइटन में सवार लोगों के पास कुछ घंटे की ऑक्सीजन, जानें कितनी गहराई में है टाइटैनिक का मलबा
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ओशनगेट कंपनी की पनडुब्बी टाइटन रविवार को समुद्र के अंदर लापता हो गई. पनडुब्बी में पांच लोग सवार थे जो टाइटैनिक जहाज का मलबा देखने निकले थे. टाइटैनिक साल 1912 में अटलांटिक महासागर में डूब गया था. इसके मलबे को लेकर लोगों में बड़ी दिलचस्पी बनी रहती है.
बीते रविवार को दुनिया के सबसे चर्चित जहाज टाइटैनिक का मलबा दिखाने वाली पनडुब्बी टाइटन समुद्र की गहराई में लापता हो गई. पनडुब्बी में पांच अरबपति सवार थे जिनकी तलाश जोर-शोर से जारी है. कहा जा रहा है कि इस पनडुब्बी में महज कुछ घंटों की ही ऑक्सीजन बची है. बीतते समय के साथ पनडुब्बी में सवार लोगों के बचने की उम्मीदें भी धुंधली होती जा रही है.
टाइटन एक छोटी कैप्सूल के आकार की पनडुब्बी है जिसकी अधिकतम क्षमता पांच लोगों की है. जब यह गायब हुई तब इसमें पांच लोग सवार थे.
पनडुब्बी 6.7 मीटर लंबी, 2.8 मीटर चौड़ी और 2.5 मीटर ऊंची है. इसमें 96 घंटे की ऑक्सीजन होती है. पनडुब्बी में बैठने के लिए कोई सीट नहीं है बल्कि एक सपाट फर्श है जिस पर पांच लोग बैठ सकते हैं.
21 फीट लंबी पनडुब्बी के अंदर लोगों के पैर पसारने तक की जगह नहीं है. अधिकारियों ने बताया कि पनडुब्बी में सवार लोगों के पास सीमित मात्रा में खाना और पानी था.
इसके अलावा उसमें बाहर देखने के लिए महज 21 इंच व्यास की एक खिड़की है. टाइटैनिक तक पहुंचकर वापस आने में आठ घंटे का समय लगता है. टाइटैनिक का मलबा 12,500 फीट की गहराई में है जहां तक जाने के लिए दो घंटे, टाइटैनिक को देखने के लिए चार घंटे और वहां से वापस आने में दो घंटे लगते हैं.
पनडुब्बी को जहाज पोलर प्रिंस ने रविवार को समुद्र में उतारा था. लेकिन एक घंटा 45 मिनट बाद ही जहाज से उसका संपर्क टूट गया. पनडुब्बी अमेरिकी तट से 900 नॉटिकल माइल्स दूर Cape Cod के पूर्व में लापता हुई.

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