
झारखंड रोप वे हादसा: 1500 फीट ऊंचाई पर कैसे आपस में टकराईं ट्रॉलियां, घटना से पहले का Video वायरल
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देवघर में रोपवे हादसे का एक नया वीडियो सामने आया है जो कि हादसे से ठीक पहले बनाया गया है. जिस वक्त हादसा हुआ ट्रॉली में सवार लोगों में हड़कंप मच गया था. 1500 फीट ऊंचाई में फंसे लोगों को निकालने के लिए 45 घंटे के रेस्क्यू अभियान चलाया गया. इस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है.
देवघर रोपवे हादसे का एक नया दिल दहलाने वाला वीडियो सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे दो ट्रॉलियां आपस में टकरा गईं. टक्कर होते ही ट्ऱॉलियों में बैठे लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई. वीडियो में लोगों की चीख-पुकार को साफ सुना जा सकता है. इस वीडियो को ट्रॉली में सवार लोगों ने बनाया है.
वीडियो में त्रिकूट पहाड़ की ऊंचाई साफ दिख रही है जो कि करीब 1500 फीट है. वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक झटके में रोपवे हिल गया. बता दें, घटना रविवार शाम 4 बजे की है. इस हादसे करीब आधा दर्जन ट्रॉलियां हवा में अटक गई थीं, जिसमें करीब 50 से अधिक लोग सवार थे. जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय कुछ लोग घायल हुए थे, जिनमें से एक की मौत हो गई.
इसके बाद सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन ने 45 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर बाकी लोगों को निकाला. इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. मंगलवार को एक महिला रस्सी से फिसल गई, जिसकी भी मौत हो गई.
लोगों ने सुनाई आपबीती रोपवे की ट्रॉली में फंसे बिहार के मधुबनी जिले के एक शख्स ने कहा, 'जब हम लोग फंसे तो लग रहा था कि कोई नहीं बचेगा, हम लोगों की जान चली जाएगी, लेकिन रेस्क्यू टीम ने हमारी जान बचा ली.' रेस्क्यू के दौरान एक बच्चे ने कहा, 'हमको बहुत मजा आया, जब रस्सी ऊपर खींची गई तो हमको बहुत अच्छा लगा था.'
ट्रॉली में फंसी एक बच्ची ने बताया, 'जब ट्राली हिल रहा था, तभी डर लग रहा था, वरना कोई डर नहीं लग रहा था, हम सब पूरी रात भूखे रहे, मंगलवार सुबह 11.30 बजे कुछ खाया और पानी पीया.' बच्ची ने कहा, 'जब हमें उतारा जा रहा था, तब अच्छा लग रहा था, लेकिन जब बीच में रस्सी रुक गई तो लगा कि गिर जाएंगे.'
केंद्रीय गृह सचिव ने जारी की एडवाइजरी वहीं, देवघर रोपवे हादसे के बाद, केंद्रीय गृह सचिव ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को एडवाइजरी जारी की है. इसमें उन्होंने सभी राज्यों से कहा कि रोपवे के लिए एक एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) और आकस्मिक योजना बननी चाहिए. भारतीय मानक ब्यूरो के तहत, रोपवे के लिए पहले से तय किए गए संचालन और रखरखाव के मानकों का पालन किया जाना चाहिए. हर रोपवे की सुरक्षा व ऑडिट करने के लिए, अनुभव और योग्य फर्मों को काम पर रखा जाना चाहिए. मेनटेनेंस मैनुअल बनाए जाने चाहिए. बता दें कि त्रिकूट रोपवे की घटना को लेकर, दिल्ली में गृह मंत्रालय ने हाई लेवल मीटिंग की थी.

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