
झारखंड: आदिवासी महिला से दुष्कर्म के आरोपी की मौत पर बवाल, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
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झारखंड के रामगढ़ में आदिवासी महिला से दुष्कर्म के आरोपी आफताब अंसारी की पुलिस हिरासत से फरार होने के बाद लाश दामोदर नदी में मिली. मामले में थानेदार समेत चार पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया. वहीं, कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने आरोपी की मौत पर निष्पक्ष जांच की मांग की है.
झारखंड के रामगढ़ जिले में रविवार को तनाव फैल गया जब आदिवासी महिला से दुष्कर्म के आरोपी आफताब अंसारी की लाश दमोदर नदी से बरामद की गई. वह एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान में काम करता था और 23 जुलाई को एक दक्षिणपंथी संगठन ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंपा था. लेकिन अगले ही दिन वह पुलिस हिरासत से फरार हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई.
पुलिस ने इस लापरवाही के लिए रामगढ़ थाने के प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह और तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया है. रामगढ़ के SDPO परमेश्वर प्रसाद ने बताया कि अंसारी पर आदिवासी महिला से यौन शोषण का आरोप था. वहीं, पुलिस ने संगठन के सदस्य राजेश सिन्हा को गिरफ्तार किया, जिसने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो डालकर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की थी.
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इस गिरफ्तारी के विरोध में भाजपा विधायक रोशनलाल चौधरी ने भुरकुंडा थाने के बाहर धरना दिया और सिन्हा की तत्काल रिहाई की मांग की. भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने भी गिरफ्तारी की निंदा की और कहा कि सिन्हा को पीड़िता ने मदद के लिए बुलाया था, जब पुलिस ने शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की.
कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर ने रामगढ़ एसपी से मिलकर अंसारी की मौत की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों की गिरफ्तारी की मांग की है. मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है और अब यह प्रशासनिक निष्क्रियता बनाम सांप्रदायिक तनाव का रूप ले रहा है. वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले में कार्रवाई की जा रही है.

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