
'जैसे-जैसे सीढ़ियों से उतर रहे थे, वैसे-वैसे दीवारें फट रही थीं...', बैंकॉक गई मॉडल ने सुनाई भूकंप की कहानी
AajTak
अचानक से मेरी नजर दीवार पर पड़ी. मैंने देखा दीवार पर क्रैक्स आने लगे थे और वो फटने लगी थीं. जब भूकंप आया तो बैंकॉक में एक इंडियन मॉडल मौजूद थीं. उन्होंने बयां किया वहां का खौफनाक मंजर कैसा था?
थाईलैंड में आज जब भूकंप आया तो बैंकॉक गई एक इंडियन मॉडल अपने होटल के कमरे में सोने की कोशिश कर रही थी. अचानक से उन्हें बेचैनी महसूस होने लगी. फिर उनकी नजर होटल की दीवार पर गई जो धीरे-धीरे फट रही थी. वो जबतक कुछ समझ पातीं, सायरन की आवाजें सुनाई देनें लगी और घोषणा हुई कि काफी तेज भूकंप आ रहे हैं. फिर जो हुआ मानवी तनेजा ने आंखोंदेखा हाल आजतक से बयां किया.
बैंकॉक में मौजूद मानवी तनेजा ने बताया कि जब भूकंप आया तो मैं होटल के कमरे में अपने बेड पर थी. मुझे अचानक से चक्कर आने लगे और बेचैनी सी होने लगी. मुझे लगा रात में कुछ ऐसा वैसा खा लिया होगा, इसलिए मुझे ऐसा लग रहा है. फिर अचानक से मेरी नजर दीवार पड़ी. मैंने देखा दीवार पर क्रैक्स आने लगे थे और वो फटने लगी थीं.
'जैसे-जैसे नीचे जा रहे थे दीवार फट रही थी' मानवी ने बताया कि होटल काफी प्रोएक्टिव था. तुरंत अनाउंसमेंट शुरू हो गई कि होटल को खाली करें, भूकंप आ गया है. सभी लोग सीढ़ियों से नीचे आएं. जैसे-जैसे हम नीचे उतर रहे थे. हर जगह दीवार फटती जा रही थी और बिल्डिंग हिल रही थी. ऐसा नहीं कि बिल्डिंग पुरानी थी, होटल एकदम नई बनी हुई है. फिर भी पूरे बिल्डिंग में दरार आ गई. लेकिन सभी लोग जल्दी-जल्दी होटल के बाहर आ गए.
खाली हो गए थे सारे बिल्डिंग्स... जब तक हमलोग होटल से बाहर आए, आसपास के तमाम ऑफिस और मॉल इसी तरह से खाली हो चुके थे और लोग बाहर सड़कों पर आ गए थे. सड़क पर जो ट्रैफिक थी वो खाली हो गई. लोगों ने सड़कों के किनारे गाड़ियां पार्क कर दी. क्योंकि लोगों की भीड़ सड़कों पर आ खड़ी हुई थी.
यह भी पढ़ें: 'मैं सोया था, भूकंप आते ही सब भागे, बाहर देखा तो...', भारतीय ने बताया थाईलैंड में कैसा है मंजर?
कई इमारतों की बालकनी और रेलिंग टूट कर गिरने लगे मानवी ने बताया कि कि बैंकॉक में कई पुरानी इमारतें भी हैं. उन इमारतों की सीढ़ियां, रेलिंग्स और बालकनी वगैरह टूट-टूटकर गिरने लगीं. चूंकि, बैंकॉक में कई ऐसी इमारतें हैं और कई सारे इलाके काफी कंजस्टेड हैं. इस वजह से कई लोगों को चोट भी लगी. यहां पर सरकार प्रोएक्टिव हैं. यहां तुरंत इंटरनेट सर्विस बंद हो गई. इमरजेंसी सर्विस लोगों को तुरंत उठा-उठाकर ले जाने लगें.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












