
जेल है या सराय खाना, 7 साल में 255 दिन बाहर रहा बाबा... राम रहीम की 'आजादी' की कहानी
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सचमुच, जेल न हो गई सराय खाना हो गया. कानून न हुआ तमाशा हो गया. सजा न हुई किश्तों की दिहाड़ी हो गई. कौन कहता है कानून सबके लिए बराबर होता है. छोटा, बड़ा, अमीर गरीब, कमजोर ताकतवर में फर्क नहीं करता. इस एक अकेले शख्स ने सारे मुहावरों को झूठा साबित कर दिया.
सचमुच, जेल न हो गई सराय खाना हो गया. कानून न हुआ तमाशा हो गया. सजा न हुई किश्तों की दिहाड़ी हो गई. कौन कहता है कानून सबके लिए बराबर होता है. छोटा, बड़ा, अमीर गरीब, कमजोर ताकतवर में फर्क नहीं करता. इस एक अकेले शख्स ने सारे मुहावरों को झूठा साबित कर दिया. इसने ये भी साबित कर दिया, कि भले ही कोई रेप करे, किसी का कत्ल करे. 20-20 साल की दो दो उम्र कैद की सजा झेले, तो भी जेल के बाहर आजाद रहा जा सकता है.
जेल के बाहर आकर अपना जन्मदिन भी मनाया जा सकता है. जी हां, हम दो लड़कियों से बलात्कार और एक पत्रकार की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू संत राम रहीम की बात कर रहे हैं. 15 अगस्त को इनका जन्म दिन है. 13 अगस्त को एक बार फिर इनके लिए जेल का दरवाजा खोल दिया गया. जाइये धूम धाम से जन्म दिन मनाइये. पूरे तीन हफ्ते मनाइये. जब जश्न पूरा हो जाए तो तीन हफ्ते बाद आ जाइएगा फिर से जेल.
आइएगा तभी तो अगली बार फिर जेल से बाहर जाइएगा. सचमुच, जेल न हो गई सराय खाना हो गया. कानून न हुआ तमाशा हो गया. सजा न हुई किश्तों की दिहाड़ी हो गई. इस कातिल और बलात्कारी नई रिहाई की दास्तान सुनाएं उससे पहले बस इस लिस्ट पर एक नज़र डाल लीजिए. फिर बताइएगा कि आजादी के बाद से अब तक क्या कोई इतनी बार इतने कम वक्त में जेल के बाहर छुट्टी मनाने आया है. आज स्वतंत्रता दिवस है. इसलिए सच बताइएगा.
इस लिस्ट पर नज़र डालिए उससे पहले इतना याद रखियेगा कि बाबा के नाम पर कलंक इस राम रहीम को दो लड़कियों का बलात्कार और एक पत्रकार के कत्ल के इल्जाम में सितंबर 2017 में 20-20 साल की दो दो उम्रकैद की सजा हुई. यानी अभी इसे जेल गए सात साल भी पूरे नहीं हुए हैं.
ये रही लिस्ट...
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