
जेल में बैठकर भी पूर्व पीएम इमरान खान PAK राजनीति में ला चुके भूचाल, क्या करीब है एक और तख्तापलट?
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पाकिस्तान में पूर्व पीएम इमरान खान की अपील पर उनके समर्थकों ने सड़कों पर हंगामा मचा रखा है. हिंसा में 6 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी. इस बीच सरकार ने इस्लामाबाद में सेना को शूट-एट-साइट के आदेश दे दिए. लेकिन पूर्व पीएम तो जेल में हैं, फिर कैसे वे राजनैतिक उठापटक की वजह बन रहे हैं? क्यों पाकिस्तानी पॉलिटिक्स में ये नई तस्वीर नहीं?
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई पाकिस्तान की सड़कों पर हिंसक प्रोटेस्ट कर रही है. यहां तक कि राजधानी में सेना तैनात हो चुकी, जिसे एक्सट्रीम एक्शन के आदेश मिले हुए हैं. पार्टी का प्रदर्शन अपने लीडर के इशारे पर शुरू हुआ, जो जेल में बंद हैं. इस बीच कई सवाल उठ रहे हैं, जैसे हिरासत में रहते हुए वे कैसे समर्थकों से सीधी बातचीत कर पा रहे हैं और किस बात पर ताजा फसाद है.
क्यों जेल में हैं खान
इमरान खान को पाकिस्तानी आम चुनाव से कुछ महीनों पहले तोशखाना मामले में लंबी सजा सुनाई गई. उनपर आरोप था कि उन्होंने पीएम के बतौर अपने पद को मिले तोहफों को टैक्स में घोषित किए बिना चुपचाप बेच दिया, जो कि नियमों के खिलाफ है. इसके अलावा फिलहाल उनपर करीब 150 मामले चल रहे हैं, जिनमें से सैन्य ठिकानों पर हमला भी एक है. मई में हुए हमलों का ये मामला पाकिस्तान मिलिट्री कोर्ट में है. चश्मदीदों के अनुसार इमरान ही इस अटैक के कर्ताधर्ता थे.
गैर इस्लामिक ढंग से शादी का मामला भी काफी गंभीर रहा, जिसपर उन्हें सजा हुई, जबकि अविश्वास प्रस्ताव के जरिए वे 2022 में ही पद से हटाए जा चुके थे.
अब क्या हो रहा है
लंबे समय बाद एकदम से सड़कों पर इमरान के समर्थन में हजारों लोग उतर आए हैं, जो सेना और पुलिस से भी नहीं डर रहे. यहां तक कि पूरा का पूरा इस्लामाबाद छावनी में तब्दील हो चुका है. ये प्रोटेस्ट उस समय शुरू हुआ, जब बेलारूस से एक बहुत अहम डेलीगेशन पाकिस्तान यात्रा पर आया हुआ था. यहां सोचने की बात है कि जेल में रहते हुए भी कैसे इमरान की आवाज पाकिस्तान की राजनैतिक तस्वीर में अलग-अलग रंग भर रही है.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

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