
'जाति-पाति और भेदभाव को जड़ से मिटाना है', हिंदू एकता के लिए पद यात्रा करेंगे धीरेंद्र शास्त्री
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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भारत को जलने से बचाना है, बांग्लादेश होने से बचाना है. कोलकाता होने से बचाना है. मणिपुर होने से बचाना है. नूंह और मेवात, बहराइच और बरेली जैसी घटनाओं से बचाना है. इसके लिए जाति-पात से ऊपर उठकर हम सब हिंदू एक हों इस पर जोर देना होगा.
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा ने आजतक के साथ खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत को बचाना आवश्यक है ताकि अगले 500 वर्षों तक सनातन पर कोई ऊंगली ना उठा सके. उन्होंने जोर देकर कहा कि जात-पात, ऊंच-नीच और भेदभाव को मिटाने की जरूरत है. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि वह भारत में हिंदू समाज के बीच एकजुटता का संदेश लेकर जल्द ही पूरे देश में पद यात्रा निकालेंगे.
उन्होंने कहा, 'मैं पदयात्रा करने वाला हूं, भारत को एक करने के लिए. जाति-पात, भेदभाव, छुआछूत, ऊंच-नीच, अगड़े और पिछड़े की लड़ाई को मिटाने के लिए. बागेश्वर बाबा ने आगे अपनी पदयात्रा का उद्देश्य भी बताया. उन्होंने कहा कि मंदिरों के बाहर ये तो लिखा है कि चप्पल बाहर उतारें. लेकिन जाति-पात बाहर उतारकर आएं ये नहीं लिखा. मेरी विचारधारा बहुत अलग है, मुझे भारत को बचाना है.
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, 'भारत को जलने से बचाना है, बांग्लादेश होने से बचाना है. कोलकाता होने से बचाना है. मणिपुर होने से बचाना है. नूंह और मेवात, बहराइच और बरेली जैसी घटनाओं से बचाना है. इसके लिए जाति-पात से ऊपर उठकर हम सब हिंदू एक हों इस पर जोर देना होगा. नहीं तो वो दिन दूर नहीं जो कश्मीरी पंडितों का हाल हुआ, पालघर के संतों का हाल हुआ, जो बंगाल में हुआ- मकान आपकी, दुकान आपकी और कब्जा उनका. बेटियां तुम्हारी पर बल के दम पर बीवी वो बनाते थे. उन छोटी-छोटी बेटियों के साथ जो निर्दयिता हुई, उसके कारण हमारा खून खैल गया और हमने प्रण लिया कि आने वाले 500 साल तक के लिए इस भारत में सनातन के ऊपर कोई अंगुली न उठा सके, उसका एक ही उपाय है कि हम से जुड़ मिलकर रहेंगे, जाति-पाति से ऊपर उठकर.'
यह पूछे जाने पर कि क्या धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुर में बोल रहे हैं? वह भी कहते हैं 'बटेंगे तो कटेंगे'. कांग्रेस आरोप लगाती है कि बागेश्वर बाबा बीजेपी कि स्क्रिप्ट फॉलो कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'ये सब बेफिजूल की बाते हैं. यह नारा तो अब आया है, मैं तो 4 जुलाई से ही कह रहा हूं. आपकी दृष्टि अब गई है यह दुर्भाग्यपूर्ण है. मैंने 4 जुलाई को प्रण लिया था कि जाति-पाति और भेदभाव को जड़ से मिटाना है, हमें भारत भव्य बनाना है. मेरा किसी पार्टी से क्या लेना देना. मेरे तो कांग्रेस के भी भक्त हैं. सपा के लोग भी आते हैं. सभी पार्टियों के लोग हमारे हैं. हमारा उद्देश्य हिंदुओं में एकजुटता लाना है, जो जाति-पाति में बंटे हैं.'

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