
'जांच पूरी होने तक बृजभूषण WFI के कार्यों से रहेंगे अलग', पहलवानों के साथ 7 घंटे चली मीटिंग के बाद बोले खेल मंत्री
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भारतीय कुश्ती फेडरेशन के अध्यक्ष के खिलाफ धरने पर बैठे खिलाड़ियों ने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की. मीटिंग खत्म होने के बाद खेल मंत्री और खिलाड़ियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान खिलाड़ियों ने घोषणा की जब तक जांच कमेटी की रिपोर्ट नहीं आती, तब तक वो जंतर-मंतर पर धरने पर नहीं बैठेंगे.
भारतीय कुश्ती फेडरेशन के अध्यक्ष के खिलाफ धरने पर बैठे खिलाड़ियों ने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की. मीटिंग खत्म होने के बाद खेल मंत्री और खिलाड़ियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. खेल मंत्री ने कहा कि हमने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि एक निगरानी कमेटी का गठन किया जाएगा. इसमें शामिल लोगों के नामों की घोषणा कल की जाएगी. ये कमेटी 4 सप्ताह में अपनी जांच पूरी करेगी और डब्ल्यूएफआई और उसके प्रमुख के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों की गहन जांच करेगी.
इस दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि हम बीते 7 घंटों से बात कर रहे हैं. सभी पहलवानों ने कुश्ती संघ पर लगाए गए आरोपों के बारे में बताया, हमने उनकी सभी मांगें सुनी. खिलाड़ियों के आरोपों के बाद हमने WFI को नोटिस भेज दिया था और 72 घंटों के अंदर इसका जवाब मांगा था. उन्होंने कहा कि कमेटी की जांच पूरी होने तक कुश्ती संघ के अध्यक्ष दैनिक कार्यों से दूर रहेंगे और वह जांच में सहयोग करेंगे. कमेटी की जांच रिपोर्ट चार हफ्तों में आएगी.
बजरंग पूनिया बोले- निष्पक्ष जांच की उम्मीद
वहीं इस दौरान पहलवान बजरंग पूनिया ने कहा कि हमें विश्वास है कि निष्पक्ष जांच होगी. पूनिया ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री ने हमारी मांगों को सुना और उचित जांच का आश्वासन दिया. मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं और हमें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच होगी. इसलिए हम अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले रहे हैं. इसके साथ ही खिलाड़ी ने कहा कि पहले भी WFI अध्यक्ष की तरफ़ से खिलाड़ियों को धमकी मिली है. उसको लेकर भी हमें आश्वासन मिला है.
बीते 3 दिन से धरने पर हैं खिलाड़ी
बता दें कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर तीन दिन से पहलवान धरना दे रहे हैं. बुधवार को भारतीय पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक समेत 30 पहलवानों ने कुश्ती महासंघ और उसके अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला था. खिलाड़ियों का कहना था कि महिला पहलवानों के साथ यौन शोषण किया जाता है. उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है. WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह सरेआम पहलवानों के साथ अभद्रता करते हैं. गाली-गलौज की जाती है. पहलवानों का दावा है कि कुश्ती महासंघ नियमों के नाम पर रेसलर्स का उत्पीड़न कर रहा है. पहलवानों ने कुश्ती महासंघ को भंग करने की मांग उठाई है.

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