
जहां मिलेंगे बाबू सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना... वैलेंटाइन डे से पहले वायरल हो रहे पोस्टर
AajTak
वैलेंटाइन डे पर जहां प्यार करने वाले इस दिन को सेलिब्रेट करने की तैयारी में जुटे हैं, वहीं कई संगठन इसका विरोध भी कर रहे हैं. कोई लठ्ठ की पूजा कर रहा है, तो कोई तीखे और विवादित बयान दे रहा है.
कल वैलेंटाइन डे है. प्यार का इजहार करने का दिन. दुनिया भर के प्रेमियों के लिए यह खास मौका माना जाता है. हर साल की तरह इस बार भी 14 फरवरी को लेकर हलचल तेज है. लेकिन माहौल एक जैसा नहीं है. एक तरफ वे लोग हैं, जो इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं. दूसरी ओर ऐसे लोग भी हैं, जो इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं.
संस्कृति की रक्षा के नाम पर कई जगहों पर वैलेंटाइन डे के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है. कुछ समूहों की ओर से इसे मनाने वालों को चेतावनी भी दी जा रही है. सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ी हुई है और विरोध के नारे तेजी से वायरल हो रहे हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पटना में वैलेंटाइन डे से पहले ‘बाबू-सोना’ लिखे पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टरों में चेतावनी भरे शब्द लिखे हैं-जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना. साथ ही यह भी लिखा गया है कि 14 फरवरी को ‘बाबू-सोना’ नहीं, बल्कि पुलवामा के शहीदों को नमन किया जाए. बताया जा रहा है कि ये पोस्टर हिंदू शिवभवानी सेना के नाम से लगाए गए हैं. पोस्टरों में दावा किया गया है कि वैलेंटाइन डे और वैलेंटाइन वीक भारतीय संस्कृति के विपरीत हैं और इससे समाज में अश्लीलता बढ़ती है.
मध्य प्रदेश में भी विरोध की तैयारी
वहीं मध्य प्रदेश के सागर में भी वैलेंटाइन डे से पहले विरोध का माहौल देखने को मिला. खबरों के मुताबिक, शिवसेना से जुड़े कार्यकर्ता सिविल लाइन स्थित पहलवान बाबा मंदिर में जुटे. यहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच लाठियों की पूजा की गई. पंडित-पुरोहित की मौजूदगी में लाठी पूजन हुआ और उन पर चमेली व सरसों का तेल चढ़ाया गया. कार्यकर्ताओं ने इसे ‘संस्कृति रक्षा’ का प्रतीक बताया.
नेताओं की चेतावनी

Aaj 21 March 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 21 मार्च 2026, दिन- शनिवार, चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 23.56 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, अश्विनी नक्षत्र, चंद्रमा- मेष में, सूर्य- मीन में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.04 बजे से दोपहर 12.53 बजे तक, राहुकाल- सुबह 09.26 बजे से सुबह 10.57 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.

तेहरान में युद्ध के बीच 'काली बारिश' हो रही है. यह इतनी खतरनाक है कि इसके संपर्क में आने से लोगों की तुरंत मौत हो सकती है या फिर लंबे समय के लिए लोग बीमार पड़ सकते हैं. ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों से ईरान के तेल संयंत्र उड़ा दिए गए. इससे निकले जहरीले धुएं के बादल हवा में फैल गए हैं. तेल और जहरीले केमिकल व गैस से बने इन बादलों से ही 'काली बारिश' हो रही है.











