
जयपुर में कत्ल... धारूहेड़ा में सबूत, चंडीगढ़ में गिरफ्तारी... 4 राज्यों से मिले लिंक, तब दबोचे गए गोगामेड़ी के कातिल
AajTak
राजस्थान के सुखदेव गोगामेड़ी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. दो शूटर सहित सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. राजस्थान और दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान गोगामेड़ी के शूटर चंडीगढ़ से पकड़े गए.
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव गोगामेड़ी की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है और 3 आरोपियों को राजस्थान पुलिस और दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अरेस्ट कर लिया है. आरोपियों की पहचान रोहित राठौड़, नितिन फौजी तथा उधम सिंह के रूप में हुई है जिन्हें चंडीगढ़ से अरेस्ट किया गया है.
क्राइम शूटर रोहित और हत्याकांड के बाद शूटर्स का साथ देने वाले उधम को लेकर पुलिस दिल्ली पहुंची है जबकि शूटर नितिन फौजी को राजस्थान पुलिस अपने साथ लेकर गई है. इस मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के स्पेशल कमिश्नर रविंद्र यादव आज प्रेस कांफ्रेंस भी करेंगे.
कैसे रची गई साजिश
सुखदेव गोगामेड़ी हत्याकांड की साजिश कैसे रची गई, इसे लेकर भी बड़ा खुलासा हुआ है. गोगामेड़ी हत्याकांड का मेन मास्टरमाइंड विदेश में बैठा राजस्थान का कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा है. थी.रोहित गोदारा ने सुखदेव की हत्या का टास्क और शूटर अरेंज करने की जिम्मेदारी अपने राइट हैंड मैन वीरेंद्र चरण को दी.
शूटर्स को अत्याधुनिक हथियार डीलर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चरण द्वारा किया गया था. गिरफ्तारी के बाद आरोपी नितिन फौजी पुलिस के सामने टूट पड़ा और उसने कबूल किया कि राजस्थान के मोस्ट वांटेड और अत्याधुनिक हथियार डीलर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चरण द्वारा उसका इस्तेमाल किया गया था.
इस तरह गोदारा के संपर्क में आया फौजी

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.










