
जमीन, आसमान, समंदर... हर जगह इजरायल का कंट्रोल, फिर भी पहुंच से दूर क्यों है गाजा
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गाजा दो तरफ इजरायल से घिरा है जबकि इसके पश्चिम में समंदर और दक्षिण में मिस्र है. गाजा का पूरा इलाका पांच शहरों बंटा है. गाजा की कुल आबादी 21 लाख है. गाजा पट्टी पर साल 2007 से हमास का नियंत्रण है. हमास के आने के बाद से यहां खूनी संघर्ष बढ़ गया है.
सात अक्टूबर को हमास के 'सप्राइज अटैक' के बाद से गाजा पट्टी पर इजरायली सेना बमबारी कर रही है. बमबारी के बाद अब इजरायली सेना जमीनी ऑपरेशन भी शुरू करने जा रही है. बताया जा रहा है कि एक लाख इजरायली सैनिकों ने गाजा पट्टी को तीन ओर से घेर लिया है.
पिछले हफ्ते सोमवार को इजरायली रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने सेना को गाजा पट्टी की 'पूरी घेराबंदी' करने का आदेश दे दिया था. उन्होंने ये भी कहा था कि गाजा पट्टी में खाने-पीने का सामान, बिजली और फ्यूल की सप्लाई बंद कर दी जाएगी.
इतना ही नहीं, पिछले हफ्ते इजरायल ने 11 लाख लोगों को 24 घंटों में उत्तरी गाजा छोड़ने के लिए कहा था. इजरायली सेना आसमान ने पर्चे बरसा रही है. इसमें लोगों से उत्तरी गाजा छोड़कर दक्षिणी गाजा में जाने को कहा गया है.
घेराबंदी का मतलब क्या?
पिछले सोमवार को इजरायल ने गाजा पट्टी की पूरी तरह से घेराबंदी की बात कही थी. इसका मतलब था कि गाजा पट्टी को मिलने वाली बिजली, पानी, खाना और ईंधन पर रोक लगा देना.
बिजली के लिए गाजा पट्टी इजरायल पर निर्भर है. ज्यादातर बिजली इजरायल से ही आती है. कुछ का उत्पादन गाजा पट्टी के पावर प्लांट में होता है, लेकिन उसके लिए ईंधन इजरायल से आता है.

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