
जब इंदिरा ने 57% कम कर दी रुपये की कीमत... धोखा, विद्रोह और फिर पलटवार कर बनीं आयरन लेडी
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1966 में इंदिरा गांधी ने पश्चिमी देशों के दबाव में रुपये की कीमत 57% कम कर दी. आगे का समय हलचल भरा था. इंदिरा को धोखा मिला, देश में महंगाई बढ़ गई और पार्टी में विद्रोह भड़क गया. लेकिन इंदिरा ने जबरदस्त पलटवार किया. इससे उनकी
मार्च 1966 में भारत की प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद इंदिरा गांधी अमेरिका गईं. हिन्दुस्तान में साधारण लिबास में रहने वालीं इंदिरा का अंदाज इस दौरे में ग्लैमरस था. राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन तो इंदिरा पर मोहित हो गए. राष्ट्रपति उनकी इतनी तारीफ़ करते थे कि उन्होंने प्रोटोकॉल भी तोड़ दिया, इसकी बड़ी चर्चा हुई. वे प्राइवेट पार्टियों में चक्कर लगाते, उन दावतों में भी जाते जहां उन्हें गेस्ट ऑफ़ ऑनर के तौर पर नहीं बुलाया गया था. इस दौरान उन्होंने खूब बोरबॉन बीयर गटके.
" एक ही चीज थी जो इंदिरा ने करने से मना कर दिया, वह थी व्हाइट हाउस के बैंक्वेट में अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ डांस फ्लोर पर नाचना, उन्होंने जॉनसन को समझाया कि इससे वह भारत में लोग उनके बारे में बातें बनाएंगे. जॉनसन ने अपनी तरफ से कहा कि वह यह देखना चाहते हैं कि 'इस लड़की को कोई नुकसान न हो'..." (इंदिरा: द लाइफ ऑफ इंदिरा नेहरू गांधी, कैथरीन फ्रैंक)।
लेकिन "वह लड़की" पहले से ही मुश्किल में थी.
वो संकट जो विरासत में मिली
जब जनवरी 1966 में इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री बनीं, तो उन्होंने दशकों से जमा हो रही आर्थिक तबाही विरासत में पाई.
भारत में खर्चा-पानी की स्थिति एक कागजी महल की तरह थी. थोड़ी सी हवा भी इसे ढहा सकती थी. 1965 तक हालात बेहद गंभीर हो चुके थे.

'ऐसे बनेंगे विश्वगुरु...', सिलेंडर के लिए लाइन में खड़े बच्चे ने ऐसा क्या कहा कि हो गया वायरल; देखें
मध्य प्रदेश के छतरपुर शहर के पन्ना रोड पर खुले स्वरूप गैस एजेंसी के गोदाम से लोगों को LPG गैस सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं और लोग घरेलू गैस सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी कतार में लगे हुए हैं. इसी लाइन में लगे एक 14 वर्षीय लड़के ने अपनी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सबके होश उड़ा दिए,जिसका वीडियो जबरदस्त वायरल हो रहा है. देखिए.

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में LPG सिलेंडर की कमी से ज्यादातर खाने पीने के स्टॉल परेशान है. और इससे खाना पकाने का भी खर्चा बढ़ गया है, क्योंकि कमर्शियल गैस नहीं मिलने की वजह से कई लोगों मे कोयले की भट्टी और इलेक्ट्रिक स्टोव का इस्तेमाल करना शुरु कर दिया है. कुछ दुकानदारों ने ये बढ़ा हुआ खर्च ग्राहकों पर डाल दिया है.











