
छोटा कॉलेज, बड़ा सपना...लड़की ने बताया कैसे मिली गूगल की हाई-प्रोफाइल जॉब
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एक युवा टेक इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर अपनी लंबी जर्नी साझा की है, जिसमें टीयर-3 कॉलेज से शुरू हुआ सफर आखिरकार उन्हें गूगल की प्रतिष्ठित नौकरी तक ले गया. उन्होंने पोस्ट में बताया कि टेक करियर में चुनौतियों को पार करने के लिए लगातार मेहनत और धैर्य सबसे बड़ा हथियार होते हैं.
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक युवा टेक इंजीनियर की कहानी तेजी से वायरल हो रही है. टीयर-3 कॉलेज से पढ़ने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर आर्ची गुप्ता ने इंस्टाग्राम पर अपनी मेहनत और संघर्ष से भरी जर्नी साझा की है. उनकी पोस्ट पढ़कर कई छात्र और इंजीनियर प्रेरित हो रहे हैं.आर्ची ने लिखा कि लगातार मेहनत करना कभी-कभी उबाऊ लग सकता है, लेकिन यही मेहनत समय के साथ बड़ा नतीजा देती है.
शुरुआत एक छोटे कॉलेज से
आर्ची ने 2017 में भोपाल के एक टीयर-3 इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया. कॉलेज में प्लेसमेंट बहुत सीमित थे. कुछ ही सर्विस-बेस्ड कंपनियां आती थीं. अवसर कम थे, लेकिन उन्हें विश्वास था कि वह इन सीमाओं से आगे बढ़ सकती हैं.ऑन-कैंपस और ऑफ-कैंपस, दोनों तरह के इंटरव्यू में उन्होंने हिस्सा लिया. दूसरे शहरों में होने वाले मौकों को भी उन्होंने नहीं छोड़ा. हर इंटरव्यू उनके लिए सीखने का मौका था.
पहली नौकरी मिली, पर लक्ष्य बड़ा था
फाइनल ईयर में उन्हें एक सर्विस-बेस्ड कंपनी में नौकरी मिल गई. लेकिन उनका लक्ष्य इससे बड़ा था. उन्होंने अपनी तैयारी दोबारा शुरू की. डीएसए, डेटाबेस और कंप्यूटर फंडामेंटल्स को उन्होंने गहराई से पढ़ा.इसी समय उन्हें ओपनटेक्स्ट में इंटर्नशिप का मौका मिला. इंटरव्यू के बाद उनका चयन हुआ और वह 10 दिनों के भीतर हैदराबाद शिफ्ट हो गईं. उसी दिन उन्हें सर्विस कंपनी की जॉइनिंग डेट का फोन भी मिला, लेकिन उन्होंने ओपनटेक्स्ट में ही आगे बढ़ने का फैसला किया.
कुछ महीनों तक ओपनिंग नहीं आई. कई इंटरव्यू में रिजेक्शन मिला. सर्विस कंपनी ने दोबारा जॉइनिंग डेट भेज दी. उनके पास सिर्फ 15 दिन बचे थे. इसी दौरान उन्हें ओपनटेक्स्ट से फुल-टाइम ऑफर मिल गया.

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