
छाती पर बनाया था गर्लफ्रेंड का टैटू, वहीं चाकू मारकर एडल्ट स्टार ने ली प्रेमी की जान
AajTak
पैसा किसी भी इंसान के जीवन की सबसे अहम जरूरतों में से एक है. लेकिन ये जरूरी नहीं कि पैसा जिंदगी में सुकून और शांति भी लेकर आए. आज हम आपको इससे संबंधित एक घटना बताने जा रहे हैं जिससे एक अमेरिकी मॉडल को जेल तक जाना पड़ गया और आज भी वो जेल में ही बंद है. चलिए जानते हैं पूरी घटना के बारे में विस्तार से...
कॉर्टनी क्लेनी (Courtney Clenney) का जन्म 21 अप्रैल 1996 को अमेरिका में टेक्सास के मिडलैंड में हुआ था. कॉर्टनी के जन्म के बाद उसके माता-पिता ऑस्टिन शिफ्ट हो गए. कॉर्टनी को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था. यही वजह थी कि जब वो कॉलेज में आई तो उसने मॉडलिंग में हाथ आजमाना शुरू कर दिया.
कॉलेज खत्म करने बाद उसने एक्टिंग में भी हाथ आजमाया. कुछ टेलीविजन शो में उसने काम करना शुरू किया. लेकिन यहां उसे वो सब नहीं मिल पा रहा था जैसा वह चाहती थी. मॉडलिंग में भी उतनी कामयाबी नहीं मिल पा रही थी. जिंदगी के इन्हीं संघर्ष भरे दिनों के बीच कॉर्टनी ने इंस्टाग्राम पर कॉर्टनी टेलर (Courtney Tailor) नाम से अपना अकाउंट बनाया. यहां उसने अपनी बोल्ड तस्वीरें शेयर करनी शुरू कर दीं. इससे उसके फॉलोअर्स की संख्या बढ़ती चली गई. यह संख्या 20 लाख से भी ज्यादा हो गई. पैसा भी अब इसके जरिए आने लगा. लेकिन कॉर्टनी का दिल इससे भी नहीं भरा.
इसलिए उसने बोल्ड वेबसाइट 'ओनली फैन्स' में भी अपना अकाउंट बनाया. यहां से कॉर्टनी की जिंदगी में तेजी से बदलाव आने शुरू हो गए. देखते ही देखते इन प्लेटफॉर्म्स में कॉर्टनी की डिमांड बढ़ने लगी. साथ ही बेतहाशा कमाई भी हुई. सिर्फ साल 2020 में उसने 5 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा लिए. ओनली फैन्स के कारण अब कॉर्टनी काफी फेमस हो गई थी. करियर की इसी उड़ान के बीच कॉर्टनी की मुलाकात नवंबर 2020 में क्रिश्चियन ओबमसेली (Christian Obumseli) नामक युवक से हुई. क्रिश्चियन क्रिप्टोकरंसी इंवेस्टर के तौर पर काम करता था.
बॉयफ्रेंड संग रहने लगी लिव-इन-रिलेशन में पहली ही मुलाकात के बाद दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और उन्होंने जल्द ही एक दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया. फिर कुछ समय बाद दोनों लिव-इन-रिलेशन में रहने लगे. कुछ समय तक दोनों टेक्सास (Texas) में रहे. फिर 2022 में वे मियामी शहर में शिफ्ट हो गए. दोनों के पास काफी पैसा था. इसलिए दोनों ने रहने के लिए काफी महंगा अपार्टमेंट किराए पर लिया. दुनिया की नजर में यह एक खूबसूरत कपल था. लेकिन लोगों का यह भ्रम 3 अप्रैल 2022 को हमेशा के लिए टूट गया. दरअसल, हुआ ही कुछ ऐसा था.
911 पर किया फोन New York Post के मुताबिक, 3 अप्रैल 2022 के दिन क्रिश्चियन और कॉर्टनी अपने उसी अपार्टमेंट में थे. दोपहर के 1 बजकर 15 मिनट पर कॉर्टनी अपने घर से निकलकर बाहर गई. फिर 4 बजकर 33 मिनट पर दो सैंडविज लेकर वापस लौटी. कॉर्टनी के कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक, घर लौटने के 10 मिनट बाद यानी 4 बजकर 43 मिनट पर उसने अपनी मां को फोन किया. फिर 6 मिनट तक बात करने के बाद उसने कॉल काट दिया. इसके बाद उसने दोबारा अपनी मां को फोन किया और 7 मिनट तक बात करने के बाद फोन काट दिया. मां से बात खत्म करते ही 4 बजकर 57 मिनट पर कॉर्टनी ने इमरजेंसी नंबर 911 पर कॉल किया और घबराते हुए बताया कि उसके बॉयफ्रेंड को चाकू लग गया है. प्लीज हमारी मदद करें.
क्रिश्चियन की हो गई मौत हालात की गंभीरता को देखते हुए एमरजेंसी पर बैठे ऑपरेटर ने कॉर्टनी का एड्रेस पूछा और पुलिस और मेडिकल टीम को सूचना दी. पुलिस और मेडिकल टीम सूचना मिलते ही तुरंत कॉर्टनी के घर पहुंची. वहां उन्होंने देखा कि पूरे कमरे में खून फैला है. कॉर्टनी ने बेहोश पड़े अपने बॉयफ्रेंड का सिर अपनी गोद में रखा है और जोर-जोर से रो रही है. यह सब देख मेडिकल टीम ने तुरंत क्रिश्चियन की जांच शुरू की और फर्स्ट देकर उसे अस्पताल लेकर पहुंची. लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.








