
छठ पूजा: यमुना में डूबते सूर्य को अर्घ्य देने से पहले बरतें ये 5 सावधानी
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दिल्ली जैसे शहर में लोग प्रदूषित पानी में छठ करने के लिए मजबूर हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, जिससे त्योहार के साथ-साथ लोग अपने स्वास्थ्य का भी पूरी तरह से ध्यान रख सकें. विशेषज्ञों ने लोगों को पांच महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने सी सलाह दी है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में यमुना के प्रदूषण को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि यमुना का पानी छठ पूजा करने लायक नहीं है. दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी की रिपोर्ट भी यही बताती है कि दिल्ली में यमुना का पानी काफी खराब हो चुका है.
जानकार लगातार कह रहे हैं कि प्रदूषित पानी में त्योहार मनाना बीमारी को निमंत्रण देने साबित हो सकता है, लेकिन दिल्ली जैसे शहर में जहां लोगों के पास साधनों की कमी है. वहां यमुना नदी में छठ व्रत करना कई सारे लोगों की मजबूरी भी बन जाती है. ऐसे में अगर आप छठ करने के लिए यमुना के प्रदूषित पानी में खड़े होने को मजबूर भी हैं तो आपको कुछ बहुत जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए. यह सावधानियां सिर्फ यमुना को लेकर नहीं बल्कि, जहां-जहां भी नदियां प्रदूषित हैं. उन तमाम जगहों पर बरतने की सलाह विशेषज्ञ देते हैं.
अगर इन सावधानियों का पालन किया जाए तो श्रद्धालु आने वाले वक्त में प्रदूषण जनित बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं. तो जानिए कौन-सी हैं वह पांच सावधानियां जो प्रदूषित पानी में जाने से पहले और जाने के बाद पालन करना जरूरी है.
खुले घाव वाले तो प्रदूषित पानी में कतई ना जाएं
यमुना या किसी भी प्रदूषित पानी में अंदर जाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि कहीं आपको कोई जख्म तो नहीं हो रहा है, क्योंकि जानकार बताते हैं कि इंफेक्शन का सबसे ज्यादा खतरा तभी होता है. जब आपके किसी घाव के जरिए प्रदूषित पानी आपके शरीर में प्रवेश कर जाए. इससे ना सिर्फ उस इंफेक्शन के बढ़ने का खतरा बना रहता है, बल्कि और भी जगह पर नए इंफेक्शन हो सकते हैं.
प्रदूषित पानी किसी तरीके से मुंह में न जाए

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