
चीन में फिर कोरोना की दस्तक, 23 नए मामले, कई शहरों में पाबंदियां लागू
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चीन में भी फिर नए मामले आने शुरू हो गए हैं. कोरोना संक्रमण में तेजी के बाद चीन ने अपने यहां ग्वांगदोंग इलाके में कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं.
दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस की ताजा लहर अपना असर दिखा रही है. अब कोरोना की जहां उत्पत्ति हुई यानी चीन में भी फिर नए मामले आने शुरू हो गए हैं. कोरोना संक्रमण में तेजी के बाद चीन ने अपने यहां ग्वांगदोंग इलाके में कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, 31 मई को चीन में 23 नए कोरोना केस दर्ज किए गए, उससे एक दिन पहले 27 केस सामने आए थे. इनमें करीब एक दर्जन केस साउथ ग्वांगदोंग इलाके में ही सामने आए हैं, इसलिए इन इलाकों में पाबंदियों का ऐलान किया गया है. ग्वांगदोंग इलाके में लगाई गई हैं ये पाबंदियां... एक दर्जन केस आने के बाद ही चीन ने सख्ती बढ़ा दी. अब ग्वांगदोंग से बाहर जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कोरोना का टेस्ट करवाना होगा, साथ ही यहां आने वाले व्यक्ति को भी टेस्ट करवाना होगा. ग्वांगदोंग प्रांत हॉन्गकॉन्ग के इलाके से सटा हुआ है. चीन ने अब ग्वांगदोंग इलाके में जगह-जगह कोविड टेस्टिंग लैब की व्यवस्था कर दी है, ताकि अगर किसी को टेस्ट करवाना हो तो करवा ले. साथ ही अब जो भी व्यक्ति प्लेन, ट्रेन, बस या प्राइवेट कार से इस इलाके से बाहर जाएगा तो उसे दिखाना होगा कि वो कोविड नेगेटिव है.
अमेरिका और ईरान में इस समय टकराव देखने को मिल रहा है. अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दे रहा है. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. हालांकि, अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. लगातार धमकियों के बावजूद ईरान पर सीधे हमले से क्यों बच रहा अमेरिका? देखें श्वेतपत्र.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. वहीं अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान ने इजरायल के आठ प्रमुख शहरों पर हमले की योजना तैयार की है. इस बढ़ती तनाव की स्थिति से मध्य पूर्व में सुरक्षा खतरे और बढ़ सकते हैं.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए ट्रंप को ईरान में हुई मौतों, नुकसान और बदनामी के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें 'अपराधी' बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में हालिया अशांति अमेरिका की साजिश है और ट्रंप ने खुद इसमें दखल देकर प्रदर्शनकारियों को उकसाया.

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ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. अयातुल्ला अली खामेनेई की हुकूमत ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए फांसी जैसे खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया तो अमेरिका ने सीधे एक्शन की चेतावनी दे डाली. हालांकि बाद में ईरान और ट्रंप के ताजा बयानों ने दुनिया को थोड़ी राहत दी. मगर ईरान संकट अब सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि वैश्विक टकराव का संकेत बनता जा रहा है.








