
'चार हफ्तों से मिलने नहीं दिया...', इमरान खान की बहन ने मुनीर पर लगाए गंभीर आरोप, आधी रात रावलपिंडी जेल के बाहर जुटे समर्थक
AajTak
इमरान खान की बहन नूरीन नियाज़ी ने पाकिस्तान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि मौजूदा हुकूमत को कोई पसंद नहीं करता है और जनता का भरोसा खो चुकी है. मीडिया सेंसरशिप पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारों को डराया, गिरफ्तार किया और उनके अकाउंट तक सील कर दिए जा रहे हैं. उन्होंने इमरान के स्वास्थ्य पर भी बात की.
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नूरीन नियाज़ी ने मौजूदा पाकिस्तान सरकार पर कड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान की सरकार बेहद अलोकप्रिय है और जनता का कोई भरोसा या समर्थन उनके साथ नहीं है.
नूरीन का कहना है कि इमरान खान के साथ पाकिस्तान की जनता खड़ी है. हर तबके का इंसान उनका साथ दे रहा है. लेकिन मौजूदा हुकूमत से लोग गुस्से में हैं, क्योंकि सरकार अपने ही नागरिकों पर जुल्म कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने सारी चुनाव हारने के बाद धांधली करके सरकार बनाई है. ऐसा शासन, जो जनता द्वारा नहीं चुना गया, वह टिक नहीं सकता.
नूरीन ने आगे कहा कि उन्हें अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कोई उम्मीद नहीं है. उनके मुताबिक, दुनिया के कई देशों की सरकारें भी पाकिस्तान जैसी हैं. वो जानते हैं कि यहां मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है, लेकिन फिर भी चुप हैं.
उन्होंने कहा कि इंग्लैंड और अमेरिका जैसे देशों को अच्छी तरह मालूम है कि पाकिस्तान में चुनावों में गड़बड़ियां हुईं और पूरी प्रक्रिया धांधली से भरी थी. फिर भी वे कोई कदम नहीं उठाते, क्योंकि उन्हें यही लोग चाहिए जो पाकिस्तान पर राज करते रहें और हालात वैसे ही बने रहें जैसे अभी हैं.
विदेशों से भी है हुकूमत को सहारा
नूरीन ने दावा किया कि पाकिस्तान की मौजूदा सरकार को कुछ बड़े देशों से भी सहारा मिला हुआ है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तक ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर को अपना अच्छा दोस्त कहा था.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?







