
चार दिन, 4 डिनर, 24 इंडस्ट्री लीडर्स... PM मोदी के पहले स्टेट विजिट से बदल जाएगा इंडो-US रिलेशन का डायनेमिक्स!
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे पर दुनियाभर के लोगों की नजरें अटकी हुई हैं. इस दौरे में पीएम मोदी व्हाइट हाउस में जो बाइडेन और अमेरिका की फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन के साथ डिनर करेंगे. इसके साथ ही पीएम भारतीय डायस्पोरा से भी मुलाकात करेंगे.
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौरे पर हैं. उनकी इस विजिट पर भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर के लोगों की नजरें टिकी हुई हैं. चीन भी पीएम मोदी के दौरे पर बारीकी से नजर रख रहा है. भारत और अमेरिका की बढ़ती नजदीकियों ने चीन को चिंता में डाल दिया है. अपनी चिंता को छिपाने के लिए वह इस तरह की बातें कह रहा है कि अमेरिका और भारत के रिश्ते कभी चीन और भारत जैसे नहीं हो सकते और दोनों के बीच व्यापार चीन जितना नहीं बढ़ सकता है.
ग्लोबल स्तर पर बढ़ते भारत के कद को देखते हुए अमेरिका के लीडर भी पीएम मोदी के इस दौरे को लेकर काफी उत्साहित हैं. कई नेताओं ने इस विजिट को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की है. प्रधानमंत्री मोदी का प्लेन अमेरिका के मैरीलैंड राज्य के प्रिंस जॉर्ज काउंटी में स्थित अमेरिकी वायुसेना के एंड्रयूज एयर फोर्स स्टेशन (Andrews Air Force Base) पर उतरेगा. यहां भारतीय-अमेरिकी नागरिकों का समूह पीएम मोदी का स्वागत करेगा. प्रिंस जॉर्ज काउंटी से अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी की दूरी महज 25 किलोमीटर है. इससे दोनों देशों के बीच का डायनेमिक्स बदल जाएगा.
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अमेरिका में होने वाले कार्यक्रम का डंका पूरी दुनिया में बजने वाला है. क्योंकि इस आयोजन में 180 देशों के लोग शामिल होंगे. इसमें राजनयिकों से लेकर, कलाकार, शिक्षाविद और उद्यमी तक शामिल होंगे. योग के बहाने ही एक बार फिर दुनिया भारत की सॉफ्ट पावर का नमूना देखेगी. दरअसल, योग का अंतरराष्ट्रीयकरण करते हुए 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून के दिन को योग दिवस के तौर पर सेलिब्रेट करने की मंजूरी दी थी.
व्हाइट हाउस में रात्रिभोज
पीएम मोदी का यह दौरा इसलिए भी खास है, क्योंकि विजिट में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन इस बार उन्हें ऑफिशियल डिनर पर आमंत्रित कर रहे हैं तो वहीं एक बार उन्हें प्राइवेट डिनर पर भी अपने घर बुलाया है. अमेरिका इतना सम्मान उंगली पर गिनने लायक देशों के नेताओं को ही देता है. बाइडेन के इस ट्रीटमेंट से भारत के बढ़ते हुए कद का भी अंदाजा लगाया जा सकता है.

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