
'चम्पाई दा होशियार, कल्पना भाभी आ गई हैं...' निशिकांत दुबे की पोस्ट से मची हलचल, क्या झारखंड में होगा सत्ता परिवर्तन?
AajTak
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (BJP leader Nishikant Dube) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए झारखंड (jharkhand) की सियासत का पारा बढ़ा दिया है. उन्होंने लिखा- चम्पाई दा होशियार, कल्पना भाभी आ गई हैं, झारखंड की वर्तमान सरकार के लिए आने वाले 7 दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाले हैं.
झारखंड (jharkhand) से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. वे दावा करते हैं कि उनका राजनीतिक Vision बेहतर है, लिहाजा उन्हें पहले ही पता चल जाता है कि आगे क्या होने वाला है. इसके पहले भी ED रेड को लेकर वे बयान देकर सुर्खियों में रहे थे. हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी को लेकर भी वे बयान देते रहे हैं.
अब इस बार उन्होंने एक ट्वीट करके सियासी गलियारे में हलचल मचा दी है. उन्होंने राज्य के सीएम को आगाह किया है कि आप होशियार रहें. अगले 7 दिन आपकी सरकार के लिए महत्वपूर्ण हैं. कल्पना भाभी उप चुनाव जीतकर आ गई हैं.
जाहिर है कि निशिकांत का इशारा सत्ता परिवर्तन को लेकर है. जब Hemant Soren की गिरफ्तारी 31 जनवरी को हुई थी और सत्ता परिवर्तन हुआ था, तब कल्पना सोरेन का नाम तो चला था, लेकिन चूंकि वे विधायक नहीं थीं तो किसी तरह की कोई तकनीकी समस्या न हो, इसके लिए कल्पना की बजाय सत्ता की चाबी सोरेन परिवार के करीबी चंपई सोरेन को दी गई थी.
यह भी पढ़ें: झारखंड के CM चंपई सोरेन ने जेल में बंद मंत्री आलमगीर आलम से वापस लिए सभी विभाग
दरअसल, हेमंत सोरेन पर जिस तरह से ED का शिकंजा कसता जा रहा था, उस समय सत्ता कल्पना सोरेन के हाथों में ट्रांसफर करने की योजना तो बनी थी. इसके बाद एक सेफ सीट की तलाश की गई, गिरिडीह में गांडेय सीट है. वहां के उस समय के JMM विधायक सरफराज अहमद ने इस्तीफा दिया. यह सीट December के आखिर में खाली हुई, लेकिन विवाद भी पैदा हुआ कि क्या इलेक्शन कमीशन चुनाव कराएगा.
चूंकि विधानसभा का गठन होने के बाद 4 साल से ज्यादा का समय बीत चुका था. इसलिए सेफ Play करने के मकसद से चंपई के हाथों में सत्ता सौंपी गई. सरफराज अहमद को राज्यसभा में JMM ने एडजस्ट भी करवा दिया. हालांकि ECI ने गांडेय सीट पर उपचुनाव करवाया और अब कल्पना सोरेन जीत चुकी हैं. लिहाजा चर्चा जोरों पर है कि एक और सत्ता परिवर्तन झारखंड में देखने को मिल सकता है.

आजतक से खास बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बीजेपी में दो विचारधाराओं की बात कही. उन्होंने बताया कि एक विचारधारा अत्याचारी प्रकृति की है जबकि दूसरी नहीं. उन्होंने बटुकों के सम्मान के लिए ब्रजेश पाठक की प्रशंसा की. साथ ही समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों को राजनीतिक पार्टियों के रूप में बताया. सीएम योगी पर उन्होंने खुलकर वार किए. देखें वीडियो.

यह वीडियो भारत में हो रहे एआई समिट, उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तनावपूर्ण सियासत और संघ परिवार की मुसलमानों की घर वापसी से जुड़ी राय पर केंद्रित है. सुंदर पिचाई ने भारत में टैलेंट की घर वापसी पर आशावादी विचार व्यक्त किए हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति और शंकराचार्य विवाद ने सियासी हलचल बढ़ाई है. साथ ही संघ प्रमुख और मुस्लिम नेताओं के बीच घर वापसी को लेकर बयानबाजी जारी है. देखें खबरदार.

सेंट्रल इंडिया के पूर्व माओवादी नेता भूपति ने लगभग 40 सालों के हथियारबंद संघर्ष के बाद 15 अक्टूबर 2025 को गढ़चिरोली में 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक फैसला किया. 70 साल भूपति ने कहा कि देश की बदलती सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों में सशस्त्र क्रांति अब व्यावहारिक नहीं रही. उन्होंने बताया कि संगठन 2013 के बाद जनता से कट चुका था, जिससे अंत की शुरुआत हुई.

अकोला में भाजपा के अकोट शहर अध्यक्ष को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से सिग्नल ऐप पर 2 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी मिली है. धमकी मिलने के बाद पुलिस ने शहर अध्यक्ष की सुरक्षा बढ़ा दी है. सूत्रों के अनुसार, शुभम लोणकर नामक आरोपी पर शक है, जिसके गैंग से संबंध बताए जा रहे हैं. पुलिस तकनीकी जांच कर रही है, लेकिन आधिकारिक बयान देने से बच रही है.

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.

दिल्ली में आयोजित AI समिट में बेहतर भविष्य की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन वहीं राजनीतिक पार्टियां इस तकनीक को हथियार बनाकर आमने-सामने आ गई हैं. कांग्रेस ने AI का एक वीडियो जारी किया, जिसमें लोकसभा स्पीकर का मजाक उड़ाया गया, जिसे बीजेपी ने सदन की अवमानना माना और शिकायत दर्ज कराई. कांग्रेस के तीन नेताओं को नोटिस भेजा गया. दोनों पार्टियां AI वीडियो का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं.

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी में दो विचारधाराएं दिख रही हैं और बटुकों के सम्मान को डैमेज कंट्रोल बताया. गोरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने 40 दिन का समय दिया था, जिसमें 20 दिन शेष हैं. समय पूरा होने पर स्थिति साफ़ करने की बात कही है.






