
चंडीगढ़ मेयर चुनावः 13 प्लस 7 माइनस 8... और जीत गई BJP, ऐसे बिगड़ गया कांग्रेस-AAP का गेम
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इंडिया गठबंधन के लिए लिटमस टेस्ट माने जा रहे चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को जीत मिली है. नंबर गेम मुफीद होने के बावजूद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का गेम बिगड़ गया और दोनों दल मिलकर भी बीजेपी को नहीं हरा सके.
गहमागहमी के बीच हुए चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) जीत गई है. बीजेपी संख्याबल के लिहाज कांग्रेस और आम आदमी पार्टी से पीछे थी. 20 पार्षदों वाला गठबंधन मेयर चुनाव में हार गया और 16 वोट के साथ मनोज सोनकर चुनावी बाजी जीतकर चंडीगढ़ शहर के अगले मेयर निर्वाचित हो गए. चंडीगढ़ मेयर चुनाव नतीजों के ऐलान के बाद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साझा उम्मीदवार को वोटों का गणित पक्ष में होते हुए भी हार का सामना करना पड़ा.
क्या है चंडीगढ़ नगर निगम का नंबर गेम
चंडीगढ़ नगर निगम में बीजेपी के 14 पार्षद हैं. संख्याबल के लिहाज से बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. बीजेपी के बाद 13 पार्षदों के साथ आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ नगर निगम में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. कांग्रेस के सात पार्षद हैं और एक पार्षद शिरोमणि अकाली दल का है. चंडीगढ़ मेयर चुनाव में स्थानीय सांसद को भी मतदान का अधिकार है. चंडीगढ़ से बीजेपी की किरण खेर सांसद हैं. किरण खेर को भी जोड़ लें तो बीजेपी की स्ट्रेंथ 15 पहुंचती है जबकि साझा उम्मीदवार उतारने वाली आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की स्ट्रेंथ 20 पार्षदों की है.
चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं और एक सांसद का वोट है. कुल 36 वोट वाले मेयर चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए 19 वोट के आंकड़े तक पहुंचना जरूरी था. बीजेपी के पास उसके अपने पार्षदों, सांसद मिलाकर संख्याबल 15 वोट तक ही पहुंच रहा था. शिरोमणि अकाली दल के एकमात्र पार्षद का वोट भी जोड़ लें तो बीजेपी का वोट 16 तक ही पहुंच रहा था. दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी के 13 और कांग्रेस के सात मिलाकर वोटों का आंकड़ा 20 तक पहुंच जा रहा था. दोनों दलों ने जब हाथ मिलाकर साझा उम्मीदवार उतारा, मेयर चुनाव में गठबंधन की जीत सुनिश्चित मानी जाती रही थी. लेकिन जब नतीजे आए, बीजेपी जीत का परचम लहरा चुकी थी.
कैसे बिगड़ गया कांग्रेस-AAP का गेम मेयर चुनने के लिए सभी 35 पार्षदों और सांसद किरण खेर ने वोट डाले. वोटिंग के बाद वोटों की गिनती शुरू हुई. बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में 16 वोट पड़े थे. शिरोमणि अकाली दल के एकमात्र पार्षद का वोट जोड़कर इतना ही पहुंच रहा था. वहीं, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साझा उम्मीदवार के पक्ष में 20 वोट पड़े थे जितने थे.
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