
घुसपैठियों पर भारत के एक्शन से बौखलाया बांग्लादेश... एंट्री देने से किया इनकार, जीरो लाइन पर फंसे 13 बांग्लादेशी
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बांग्लादेश सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 26 मई को गीदड़भभकी देते हुए कहा कि भारत द्वारा अवैध नागरिकों को धकेलना स्वीकार्य नहीं है और यदि आवश्यकता पड़ी तो सेना भी कार्रवाई के लिए तैयार है. मंगलवार को भारत ने 67 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा, जबकि बुधवार सुबह 13 लोग भारत-बांग्लादेश सीमा के जीरो लाइन पर फंसे रहे.
भारत द्वारा अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने की कार्रवाई पर बांग्लादेश के नेताओं और सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी आपत्ति जताई है. बांग्लादेश ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है. दरअसल, मंगलवार को भारत ने 67 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा, जबकि बुधवार सुबह 13 लोग भारत-बांग्लादेश सीमा के जीरो लाइन पर फंसे रहे.
बांग्लादेश सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 26 मई को गीदड़भभकी देते हुए कहा कि भारत द्वारा अवैध नागरिकों को धकेलना स्वीकार्य नहीं है और यदि आवश्यकता पड़ी तो सेना भी कार्रवाई के लिए तैयार है.
अवैध घुसपैठियों की संख्या चिंताजनक
2016 में तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में जानकारी दी थी कि भारत में लगभग 2 करोड़ बांग्लादेशी अवैध रूप से रह रहे हैं. इस वर्ष 30 अप्रैल तक लगभग 100 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को बीएसएफ ने बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बल (BGB) को सौंपा है. हालांकि, बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक 7 मई के बाद से 800 से ज्यादा लोगों को जबरन सीमा पार भेजा गया है, जिनमें भारतीय नागरिक और रोहिंग्या शरणार्थी भी शामिल हैं.
लालमोनिरहाट में तनाव, स्थानीय लोगों ने किया विरोध
बुधवार सुबह BGB और स्थानीय ग्रामीणों ने बीएसएफ द्वारा 57 लोगों को लालमोनिरहाट जिले के छह अलग-अलग बॉर्डर पॉइंट्स से धकेले जाने की कोशिश को नाकाम कर दिया. Cooch Behar, पश्चिम बंगाल की सीमा लालमोनिरहाट से सटी हुई है.

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